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बाथरूम कहां होना चाहिए? वास्तु शास्त्र से जानें सही दिशा, शुभ परिणाम के लिए बेहद जरूरी

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अयोध्या: मानव जीवन में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि घर बनवाते समय वास्तु के नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार के सदस्यों के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. इसलिए अगर आप भी घर बनवाते समय वास्तु के नियमों का पालन करेंगे, तो यह अत्यंत शुभ रहेगा.

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अक्सर आपने देखा होगा कि जब लोग जमीन खरीदते हैं या घर बनवाते हैं, तो वह किसी ज्योतिषी से परामर्श लेते हैं, यानी वास्तु के नियमों का पालन करते हैं. अगर आप भी घर बना रहे हैं और सोच रहे हैं कि बाथरूम किस दिशा में होना चाहिए या ड्राइंग रूम कहाँ होना चाहिए, तो वास्तु के कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है. चलिए, अयोध्या के ज्योतिष से विस्तार से जानते हैं.

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अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि यदि व्यक्ति वास्तु के नियमों का पालन करता है, तो उसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं. घर बनवाते समय हमेशा वास्तु शास्त्र में वर्णित उत्तर दिशा में ही मंदिर, किचन और बाथरूम का निर्माण करना चाहिए. ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. वास्तु के अनुसार, उत्तर का दिशा बेहद शुभ मानी जाती है.

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वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप घर का निर्माण करवा रहे हैं और दिशा को लेकर भ्रम की स्थिति में हैं, तो उत्तर दिशा में मंदिर और पूर्वोत्तर दिशा में बाथरूम का निर्माण करना शुभ माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिशा में मंदिर होने से घर और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

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ध्यान रखें कि मंदिर बेडरूम या बाथरूम के पास नहीं होना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां हावी हो सकती हैं और कई तरह के अशुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं. ऐसी स्थिति में भूलकर भी यह गलती नहीं करनी चाहिए.

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वास्तु के अनुसार, घर में किचन दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में किचन का निर्माण करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं.

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घर के उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में बाथरूम का निर्माण करना चाहिए. वास्तु के अनुसार, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बाथरूम होने से वास्तु दोष का खतरा बना रहता है. शास्त्रों के अनुसार, इन दिशाओं में भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए घर में बाथरूम बनवाते समय सही दिशा का चयन करना बेहद जरूरी है.

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अगर आप घर में सीढ़ियों का निर्माण करवा रहे हैं, तो इसे घर की दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनवाना चाहिए. वास्तु के नियमों का पालन करने से परिवार के सदस्यों को शुभ फल की प्राप्ति होती है और वास्तु दोष की समस्या से मुक्ति मिलती है.

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घर बनवाने से पहले जानें, वास्तु के अनुसार मंदिर की सही दिशा, जानें टिप्स


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