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Hindu New Year 2026 Prediction: अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार 2026 रौद्र नवसंवत का वर्ष होग. बृहस्पति राजा और मंगल सेनापति रहेंगे. वर्ष में सख्त निर्णय, प्राकृतिक बदलाव, वैश्विक तनाव और धर्म-आध्यात्म की मजबूती देखने को मिल सकती है.
अयोध्या: साल 2025 अब समापन की तरफ है और वर्ष 2026 अपने आगमन की ओर बढ़ रहा है. ज्योतिषीय दृष्टि से यह साल कई बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है. अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम ने वर्ष 2026 को लेकर महत्वपूर्ण भविष्यवाणी की है. उन्होंने बताया कि 19 मार्च 2026 से भारतीय नव संवत का आरंभ होगा, जिसे रौद्र नवसंवत के नाम से जाना जाएगा. यह नाम अपने आप में उग्रता, परिवर्तन और निर्णायक घटनाओं का संकेत देता है.
पंडित कल्कि राम के अनुसार वर्ष 2026 में देवगुरु बृहस्पति वर्ष के राजा और मंगल सेनापति होंगे .ज्योतिष शास्त्र में राजा और सेनापति ग्रहों को पूरे वर्ष की दिशा और दशा का प्रमुख कारक माना जाता है. बृहस्पति धर्म, ज्ञान और न्याय के प्रतीक हैं, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस और उग्र स्वभाव का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन दोनों ग्रहों का प्रभाव यह दर्शाता है कि वर्ष 2026 में निर्णय सख्त होंगे, लेकिन वे धर्म और न्याय के पक्ष में रहेंगे.
ज्योतिषाचार्य के अनुसार साल 2026 में प्रकृति में भी असामान्य और आश्चर्यजनक हलचल देखने को मिल सकती है. प्राकृतिक आपदाएं, मौसम में अचानक बदलाव और भौगोलिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं. वहीं दूसरी तरफ यह वर्ष धर्म और आध्यात्मिक चेतना के विस्तार का भी संकेत देता है. लोग भौतिकता से हटकर आध्यात्मिक मार्ग की ओर अधिक आकर्षित होंगे. पंडित कल्कि राम ने स्पष्ट किया कि यह वर्ष धैर्यवान और संयमी लोगों के लिए शुभ फलदायक रहेगा. लेकिन जो लोग क्रोधी स्वभाव के हैं. जल्दबाजी में निर्णय लेते हैं या हिंसक प्रवृत्ति रखते हैं उनके लिए यह साल कठिनाइयों से भरा हो सकता है. मंगल के प्रभाव के कारण क्रोध और आक्रामकता नुकसान का कारण बन सकती है.
वैश्विक स्तर पर वर्ष 2026 को लेकर उन्होंने गंभीर चेतावनी भी दी है. उनके अनुसार यह साल युद्ध और टकराव की अप्रत्याशित संभावनाओं को उजागर कर सकता है, जिसमें दुनिया के कई देश प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि बृहस्पति के प्रभाव से धार्मिक और नैतिक शक्तियों को संरक्षण मिलेगा. देश के संदर्भ में पंडित कल्कि राम ने कहा कि धर्म विरोधी प्रवृत्तियों का नाश होगा. बृहस्पति राजा और मंगल सेनापति होने के कारण अन्याय और अधर्म को सहन नहीं किया जाएगा. भारत इन सभी वैश्विक हलचलों के बीच अपने धैर्य, संस्कृति और आध्यात्मिक शक्ति के बल पर आगे बढ़ेगा और विश्व पटल पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा. वर्ष 2026 परिवर्तन संघर्ष और आध्यात्मिक जागरण का वर्ष साबित हो सकता है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
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