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dev diwali 2025 puja vidhi muhurat: आज 5 नवंबर को देव दिवाली है. देव दिवाली पर 5 अद्भुत संयोग बने हैं. आज के दिन शिव पूजा करते हैं और शाम के समय में देव दिवाली मनाते हैं. कार्तिक पूर्णिमा के प्रदोष काल में देव दिवाली मनाते है. आइए जानते हैं देव दिवाली मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि. इसके अलावा देव दिवाली पर कितने दीए जलाए जाते हैं?
देव दिवाली पर 5 अद्भुत संयोग
- देव दिवाली पर कार्तिक पूर्णिमा का पुण्यदायी स्नान है.
- आज के दिन गुरु अपनी उच्च राशि में हंसराजयोग बना रहे हैं.
- तुला में शुक्र, कुंभ में राहु और वृश्चिक में मंगल से रूचक राजयोग है.
- तुला में सूर्य-शुक्र के संयोग से शुक्रादित्य योग बना है.
- कार्तिक पूर्णिमा की तिथि में सर्वार्थ सिद्धि योग है, इसके अलावा सिद्धि योग भी बना है.
देव दिवाली शुभ मुहूर्त
देव दिवाली कार्तिक पूर्णिमा को मनाते हैं.
- कार्तिक पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 4 नवंबर, मंगलवार, रात 10:36 बजे से
- कार्तिक पूर्णिमा तिथि का समापन: आज 5 नवंबर, बुधवार, शाम 6:48 बजे पर
- ब्रह्म मुहूर्त: आज 04:52 ए एम से 05:44 ए एम तक
- देव दिवाली पर दीप जलाने का शुभ समय: शाम 5:15 बजे से 7:50 बजे तक
देव दिवाली पूजा विधि
- देव दिवाली पर शुभ मुहूर्त में स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें. उसके बाद पूजा स्थान की साफ सफाई कर लें.
- भगवान शिव या शिवलिंग का सबसे पहले गंगाजल से अभिषेक करें. फिर अक्षत्, चंदन, फूल, माला, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आक के फूल, गाय के दूध, शहद, फल, नैवेद्य, धूप आदि अर्पित करें.
- उस समय ओम नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करें. शिव चालीसा का पाठ करें. देव दिवाली की कथा सुनें, जिसमें भगवान शिव त्रिपुरासुर का वध करते हैं, जिसकी वजह से वह भगवान त्रिपुरारी कहलाए.
- अब आप शिव जी की आरती गाय के घी वाले दीपक या कपूर से करें. आज भगवान भोलेनाथ के लिए 8 या 12 मुखी दीपक जलाएं.
- देव दिवाली पर आप अपने घर में 5, 7, 11, 51 या 101 मिट्टी के दीपक जलाएं. उसमें सरसों या तिल का तेल डालें.
दीप जलाने का मंत्र
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोस्तुते।।
दीपो ज्योति परंब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन:।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोस्तुते।।
देव दिवाली पर घर में कितने दीए जलाएं?
- देव दिवाली के अवसर पर नवग्रहों के लिए 9 दीपक जलाना शुभ होता है.
- भगवान शिव के अलावा आप माता पार्वती, प्रथम पूज्य गणेश जी, भगवान कार्तिकेय, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के लिए एक एक दीप जलाएं.
- घी का एक दीप तुलसी के पौधे के पास जलाएं.
- घर में शमी का पौधा लगा रखा है तो वहां पर तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
- घर के मुख्य द्वार पर दो दीपक रखें. आंगन में रंगोली बनाकर उस पर भी दीप लगाएं.
- अपने रसोई घर में भी एक दीप जलाएं. आप पर माता अन्नपूर्णा की कृपा होगा.
- घर के बाहर पीपल के पेड़ के पास भी एक दीपक जलाएं.
- एक दीप आप अपने पितरों के लिए भी जला सकते हैं.
- मकान के सभी कमरों के दरवाजे के पास एक एक दीप रखें.
- घर के आसपास मंदिर है तो वहां पर भी दीप जलाएं.
- कोई नदी है, तो उस स्थान पर भी एक दीप जला सकते हैं.
काशी में देव दिवाली
आज देव दिवाली पर काशी में विशेष उत्सव होता है. शाम के समय में गंगा के तटों को दीपों से सजाया जाता है. सभी मंदिर भी दीपों से जगमग होते हैं. मान्यताओं के अनुसार आज शाम सभी देवी और देवता काशी में दिवाली मनाते हैं. भगवान शिव ने जब त्रिपुरासुर का वध किया था, तो सभी देवी और देवता ने काशी में आकर दिवाली मनाई थी.
कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें
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