अब बात आती है डर की.
कुछ लोग पूछते हैं – “क्या तुम्हें बागेश्वर बाबा से डर नहीं लगता?”
क्योंकि वो अकेले नहीं हैं. उनके पीछे लाखों लोग हैं. बड़े-बड़े धर्मगुरु भी हैं. संत, साधु, पीठाधीश्वर, आचार्य – सभी उनकी ओर ध्यान दे रहे हैं. कई आलोचना कर रहे हैं, कुछ समर्थन में हैं. लेकिन ऐसे माहौल में अगर कोई व्यक्ति खुले तौर पर सवाल करता है, तो क्या उसे डर नहीं लगता?
अब बात यह भी उठती है कि बाबा के खिलाफ जो बोलते हैं, उन पर भक्त टूट पड़ते हैं. गालियां, धमकियां, सोशल मीडिया पर हंगामा – ये सब होने लगता है. लेकिन क्या इससे सच रुक जाएगा? नहीं.
धीरेंद्र शास्त्री को मानने वालों की कोई कमी नहीं है. लेकिन उन्हें मानने का मतलब ये नहीं कि हर सवाल करने वाले को गलत कहा जाए. सवाल करना कोई अपराध नहीं है. बल्कि सवाल वही करता है जिसे सोचने की आदत हो.
लेकिन अगर वो भी लड़ाई पर उतर आए, तो सह भी लेंगे. उन्होंने तो ये तक कह दिया अगर कोई संत हमें पीटने आएंगे तो हम उनसे पिट भी लेंगे, लेकिन वो संत होना चहिए.
क्योंकि हमारा रास्ता साफ है.
हम सिर्फ सच के साथ हैं.
जय श्री राम!
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https://hindi.news18.com/news/dharm/dhirendra-shastri-interview-on-satya-sanatan-baba-ne-kyon-kaha-darte-hum-kisi-ke-baap-se-bhi-nahi-hai-ws-kl-9608515.html

















