Jupiter In 12th House: जन्मपत्री में बारहवां भाव अक्सर लोगों को थोड़ा उलझन में डाल देता है, क्योंकि ज्यादातर लोग इसे नुकसान, खर्च, अकेलापन और बाहर जाने वाले योग से जोड़कर देखते हैं, लेकिन असल सच्चाई इससे काफी अलग है. बारहवां भाव जितना शांत दिखाई देता है, अंदर से उतना ही गहरा होता है. यह इंसान की सोच, उसके भीतर छिपी ताकत, मन की शांति, दान, आध्यात्मिक झुकाव और दुनियादारी से हटकर खुद को समझने वाले हिस्से को दिखाता है. इस भाव में जब बृहस्पति जैसा बड़ा ग्रह बैठता है, जो खुद में ज्ञान, भरोसा, किस्मत, दया और उन्नति का कारक माना जाता है, तब जीवन में कई तरह की नई दिशा बनती है, अगर बृहस्पति मजबूत हो तो इंसान को दूर बैठे लोगों से मदद मिलने लगती है, विदेश में काम या सीखने के मौके मिलते हैं, अचानक अच्छे मौके आते हैं और मन में एक अलग तरह का भरोसा बना रहता है कि “सब ठीक होगा.” वहीं अगर बृहस्पति कमजोर हो जाए तो खर्च बढ़ने लगते हैं, फैसलों में उलझन आती है, अक्सर लोग आप पर फायदा उठाने की कोशिश करते हैं और कई बार मन बिना वजह परेशान भी होता है. इस भाव में बृहस्पति का असर दो तरफ़ा होता है-एक तरफ यह इंसान को गहरी सोच, आध्यात्मिक समझ और दान का मन देता है और दूसरी तरफ यह खर्च, बेचैनी या दूरियां भी बढ़ा सकता है.
इसलिए बृहस्पति बारहवें भाव में होने का मतलब केवल नुकसान या फायदा नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि इंसान को अपनी सोच, अपने भरोसे और अपने काम के तरीके को थोड़ा संतुलित रखना होगा. आगे आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे भोपाल निवासी ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह कि इसके अच्छे-बुरे प्रभाव क्या होते हैं और कौन से आसान उपाय आपको सही दिशा दे सकते हैं.
बृहस्पति बारहवें भाव के सकारात्मक प्रभाव
1. विदेश से जुड़े अच्छे योग
बारहवां भाव सीधे विदेश से जुड़ा माना जाता है. यहां बृहस्पति बैठे हों तो विदेश यात्रा, विदेशी नौकरी, पढ़ाई या विदेश में बसने का मौका मिल सकता है. कई बार मदद दूर-दराज के लोगों से ही मिलती है.
2. मन में शांति और आध्यात्मिक झुकाव
ऐसे जातक आमतौर पर दयालु दिल के होते हैं. मंदिर, पूजा, ध्यान, सेवा और दान में मन लगता है. कई बार यह व्यक्ति अपनी पहचान से ज्यादा अच्छे कामों से जाना जाता है.
3. छिपी हुई किस्मत मजबूत होती है
यह बृहस्पति अचानक मिलने वाले मौके देता है. कई बार इंसान सोचता है कि रास्ता बंद है, लेकिन आखिरी समय में मदद मिल जाती है. कई बार बड़ी समस्या भी अचानक सही दिशा में बदल जाती है.
4. सोने जैसा दिल और साफ नीयत
इस भाव में बृहस्पति व्यक्ति को बड़ा दिल, भरोसेमंद स्वभाव और दूसरों का भला करने वाला मन देता है. लोग उसकी नीयत को पहचानते हैं और उसकी इज्जत करते हैं.
बृहस्पति बारहवें भाव के नकारात्मक प्रभाव
1. खर्च बढ़ते हैं
कमजोर बृहस्पति होने पर पैसे रुकते नहीं. जितना आता है, उससे ज्यादा निकल जाता है. कई बार बिना वजह या गलती से भी खर्च हो जाता है.
2. गलत लोगों पर भरोसा
इंसान का दिल साफ होता है, लेकिन इसी वजह से लोग उसका फायदा उठा सकते हैं. धोखा खाने की संभावना रहती है.
3. मन में बेचैनी या अकेलापन
कई बार इंसान को लगता है कि लोग उसकी बात नहीं समझ रहे. मन थोड़ा भटक सकता है या नींद में भी दिक्कत आ सकती है.
4. विदेश या दूरियों से परेशानी
कई बार दूरियां बनने लगती हैं-घर से, परिवार से या अपने लोगों से. विदेश जाने का योग तो बनता है, लेकिन शुरुआत में परेशानी भी दिखा सकता है.
बृहस्पति बारहवें भाव के लिए आसान और असरदार उपाय
1. गुरुवार को पीले कपड़े पहनें
गुरुवार के दिन हल्का पीला कपड़ा पहनें. इससे मन हल्का होता है और किस्मत खुलती है.
2. चने की दाल दान करें
गुरुवार या रविवार की सुबह गाय को चने की दाल खिलाना बेहद कारगर माना गया है.
3. घर में पूजा का छोटा सा कोना रखें
अगर बृहस्पति बारहवें भाव में हो तो घर में शांत जगह पर दीपक जलाना मन को ताकत देता है.

4. पीला फल या मीठा दान करें
खासतौर पर गुरुवार के दिन किसी जरूरतमंद को केला, आम या मीठा दान करने से बहुत फर्क पड़ता है.
5. गलत लोगों से दूरी रखें
क्योंकि इस भाव में भरोसा ज्यादा होता है, इसलिए सलाह है कि किसी पर आँख बंद करके भरोसा न करें।
6. पिता, गुरु या बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें
बृहस्पति को मजबूत करने का सबसे आसान तरीका यही है.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/astro/astro-tips-jupiter-in-12th-house-meaning-and-remedies-barhven-ghar-me-guru-ka-asar-9906055.html
