Vastu For Kitchen: घर की रचना करते समय लोग अक्सर बेडरूम, ड्राइंग रूम या बाथरूम की जगह पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन असली पॉवर तो किचन में होती है. यही वह स्थान है जहां हर दिन खाना बनता है, ऊर्जा मिलती है और परिवार को पोषण मिलता है. सुबह की पूजा के बाद पहला काम रसोई में होता है और रात में पूरे दिन का अंत भी इसी कमरे में बन रहे भोजन के साथ होता है. इसी कारण किचन को घर का दिल कहा जाता है. वास्तुशास्त्र में भी रसोई घर को बहुत अहम माना गया है, क्योंकि इसकी सही दिशा और व्यवस्था का सीधा असर परिवार की सेहत, खुशहाली, आर्थिक स्थिति और घर के माहौल पर पड़ता है, अगर किचन सही दिशा में बना हो तो घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं रहती, परिवार के लोग स्वस्थ रहते हैं और माहौल सकारात्मक बना रहता है. लेकिन अगर किचन गलत दिशा में बन जाए तो इसका उल्टा असर भी हो सकता है. कई बार लोग गलती से रसोई को उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बना देते हैं, जिससे घर में तनाव, खर्च बढ़ना, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें और रिश्तों में दूरी जैसी समस्याएं दिखाई देने लगती हैं. ऐसे में जरूरी है कि किचन से जुड़े वास्तु नियमों को समझा जाए और यदि किचन गलत दिशा में हो तो सही उपाय अपनाए जाएं, अगर आप नया घर बना रहे हैं या पहले से बने घर में रह रहे हैं और जानना चाहते हैं कि किचन किस दिशा में होना अच्छा माना जाता है, किन स्थानों से बचना चाहिए और गलत दिशा में बने रसोई घर का दोष कैसे कम किया जा सकता है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगी. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य रवि पराशर से किचन से जुड़े जरूरी वास्तु नियम…
रसोई घर किस दिशा में बनाना चाहिए?
वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में किचन हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में होना सबसे अच्छा माना जाता है. इस दिशा पर अग्नि तत्व का प्रभाव रहता है और खाना पकाने का संबंध भी इसी तत्व से जुड़ा है. जब रसोई इस दिशा में होती है तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, अन्न-धन बना रहता है और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, अगर किसी कारण दक्षिण-पूर्व दिशा में किचन बनाना संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम दिशा का चयन किया जा सकता है. यह दूसरा सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है और इससे घर के वातावरण पर बुरा असर नहीं पड़ता.
घर में किचन किस दिशा में नहीं होना चाहिए?
कुछ दिशाओं में किचन बनाना बिल्कुल गलत माना जाता है. इनमें शामिल हैं:
-उत्तर-पूर्व
-दक्षिण-पश्चिम
-घर का केंद्र
-मध्य उत्तर
-मध्य दक्षिण
-मध्य पश्चिम

इन स्थानों पर रसोई होने से आर्थिक नुकसान, घर में तनाव, बार-बार बीमार पड़ना, रिश्तों में खटास और कामों में रुकावट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
इसके अलावा रसोई को बेडरूम, बाथरूम या पूजा घर के ऊपर या नीचे बनाना भी गलत माना जाता है. माना जाता है कि इससे तरक्की पर असर पड़ता है और मानसिक शांति कम होती है.
किचन गलत दिशा में हो तो क्या करें?
अगर आपका किचन गलत दिशा में है तो घबराने की जरूरत नहीं, कुछ आसान उपाय अपनाकर दोष कम किया जा सकता है:
-पूर्व दिशा की ओर स्लैब बनवाएं, लेकिन ध्यान रखें कि वह उत्तर-पूर्व में न हो
-चूल्हा हमेशा पूर्व या दक्षिण की तरफ रखें
-खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों
-जिस दिशा में किचन गलत स्थित है उस दिशा का यंत्र उस दीवार पर लगाएं
-रसोई में तीन पिरामिड रखें, इससे ऊर्जा संतुलित रहती है
-किचन के दोनों साइड तुलसी के पौधे रखें
-वास्तु शांति या हवन कराएं
इन उपायों से वास्तु दोष काफी हद तक कम हो सकता है और माहौल बेहतर महसूस होगा.

रसोई घर से जुड़े जरूरी वास्तु टिप्स
-किचन में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश न करें
-पहली रोटी गाय के लिए निकालें
-दीवार पर कैंची, चाकू जैसी नुकीली चीजें न टांगें
-गैस की पोजीशन ऐसी हो कि बाहर से आते व्यक्ति की नजर उस पर न पड़े
-पूर्व-दक्षिण दिशा में लाल रंग का जीरो वॉट बल्ब लगाएं और गैस चालू रहने तक जलाएं
इन छोटे नियमों पर ध्यान देने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
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