Last Updated:
Magh Purnima Snan 2026: माघ पूर्णिमा को माघ माह का अंतिम स्नान है. इस दिन 4 शुभ संयोग बन रहे हैं. माघ पूर्णिमा पर स्नान और दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान की विधि, दान कैसे करें और गंगा में कितनी डुबकी लगानी चाहिए?
Magh Purnima Snan 2026: माघ माह का अंतिम स्नान माघ पूर्णिमा के दिन होगा. माघ में पवित्र नदियों में स्नान करने का बड़ा ही धार्मिक महत्व है. जो लोग माघ माह में गंगा नदी में स्नान करते हैं, उनको पुण्य की प्राप्ति होती है. उनके पाप मिट जाते हैं और विष्णु कृपा से मोक्ष मिल जाता है. माघ पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज में स्नान के लिए अधिक संख्या में लोग आते हैं. यदि आप गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर पर ही स्नान करके पुण्य लाभ प्राप्त कर लें. इस बार माघ पूर्णिमा पर 4 शुभ संयोग बन रहे हैं. उस दिन रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग बनेंगे. आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा का स्नान कब है? माघ पूर्णिमा स्नान की विधि क्या है? माघ पूर्णिमा पर क्या दान करें?
माघ पूर्णिमा का स्नान
माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान विधि
माघ पूर्णिमा के अवसर पर आप ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान करें. उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 05:24 ए एम से 06:17 ए एम तक रहेगा.
- ब्रह्म मुहूर्त में गंगा के तट पर पहुंच जाएं. उसके बाद मां गंगा और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करके कम से कम 5 बार पवित्र डुबकी लगाएं. 5 में से 4 डुबकी 4 दिशाओं में लगानी चाहिए.
- गंगा स्नान के समय पूर्व दिशा में पहली डुबकी गंगा, यमुना, सरस्वती और जल देवता को प्रणाम करके लगाएं. फिर दूसरी डुबकी कुल देवता, इष्ट देवता के आशीर्वाद के लिए पूर्व में ही लगाएं.
- उत्तर दिशा में मुख करके तीसरी डुबकी लगाएं. इससे आपको भगवान शिव, माता पार्वती, सप्त ऋषि, मुनि, गुरु आदि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पश्चिम दिशा में चौथी डुबकी किन्नर, यक्ष, गुरुड़ आदि समस्त आदि वर्गों और 33 कोटि देवी-देवता के आशीर्वाद प्राप्ति के लिए लगाएं.
- दक्षिण दिशा में पांचवी डुबकी पितरों की मुक्ति के लिए लगाएं. इस प्रकार से स्नान करने से आपके कार्य सफल होंगे. देव, पितर, ऋषि आदि सबका आशीर्वाद प्राप्त होगा.
- गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर पर पानी में गंगाजल, काला तिल आदि मिलाकर स्नान करें. पितरों को तर्पण दें. आपका कल्याण होगा.
माघ पूर्णिमा पर दान
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद दान का विधन है. इस दिन आप अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, सफेद वस्त्र, फल, धन, धार्मिक पुस्तक, कंबल, गरम कपड़े आदि का दान करें. अन्न और वस्त्र के दान से पितृ, देव और ऋषि ऋण से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है.
About the Author
कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/dharm/magh-purnima-2026-snan-daan-vidhi-4-shubh-sanyog-magh-ka-antim-snan-kab-hai-kitni-dubki-lagani-chahiye-ws-e-10122500.html







