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Maha Shivratri 2026 Shubh Yog: फल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी. इस बार महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ व्यतिपात योग भी बनेगा. एक शुभ और दूसरा अशुभ योग होता है. पंचांग से जानते हैं इन दोनों योगों के अर्थ, महत्व और कौन से 5 काम करने चाहिए?
Maha Shivratri 2026 Shubh Yog: महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की पूजा और व्रत का है. महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. इस साल महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, इसके साथ ही व्यतीपात योग भी बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल सिद्ध होते हैं. यह शुभ योगों में से एक माना गया है. महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग कब से कब तक है? सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व क्या है? व्यतीपात योग क्या है और कब से कब तक है?
2026 में महाशिवरात्रि किस दिन है?
महाशिवरात्रि पर बनेगा सर्वार्थ सिद्धि योग
इस बार की महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग 12 घंटे से अधिक समय के लिए बन रहा है. उस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रात:काल में 7 बजे से बन जाएगा और यह शाम को 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इस शुभ योग में जलाभिषेक करना, रुद्राभिषेक कराना और महाशिवरात्रि की पूजा करना शुभ फलदायी होगा.
सर्वार्थ सिद्धि योग के फायदे
- सर्वार्थ सिद्धि योग का अर्थ है- वह योग, जो सभी प्रकार के शुभ कार्यों को सिद्ध करता हो. इस योग में आप जिस भी शुभ मनोकामना से महाशिवरात्रि की पूजा करेंगे, उसके सफल होने की उम्मीद अधिक है.
- महाशिवरात्रि पर आपको कोई नया कार्य करना है तो आप सर्वार्थ सिद्धि योग में इसकी शुरुआत करें. आपको सफलता प्राप्त होगी.
- महाशिवरात्रि के दिन आप कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या नई जॉब का शुभारंभ करना चाहते हैं तो सर्वार्थ सिद्धि योग आपके करियर की उन्नति के लिए श्रेष्ठ रहेगा.
- आपको प्रॉपर्टी, सोना, चांदी या किसी अन्य जगह पर कोई निवेश करना है तो महाशिवरात्रि के सर्वार्थ सिद्धि योग में निवेश करें. वह धन आपको भविष्य में अच्छा मुनाफा दे सकता है.
- महाशिवरात्रि पर आपको नया मकान, नई कार, नई दुकान, प्लॉट, फ्लैट आदि खरीदना है तो भी सर्वार्थ सिद्धि योग उत्तम रहेगा.
- महाशिवरात्रि के दिन आपको कोई मांगलिक कार्य, पूजा पाठ, हवन आदि कराना है, तो भी सर्वार्थ सिद्धि योग उसकी सफलता और शुभ फल प्रदान करने वाला होगा.
महाशिवरात्रि पर व्यतीपात योग
महाशिवरात्रि के दिन व्यतीपात योग भी बन रहा है. व्यतीपात योग प्रात:काल से लेकर 16 फरवरी दिन सोमवार को तड़के 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यह योग पूरे दिन रहेगा.
व्यतीपात योग का महत्व
व्यतीपात योग को शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. इस योग में कोई भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, सगाई आदि करते हैं, तो वह सफलतादायक नहीं होते हैं. इस योग में आप कोई काम करते हैं तो असफलता की प्राप्ति हो सकती है.
व्यतीपात योग में क्या करें?
व्यतीपात योग में आप योग, साधना, जप, तप, पूजा, पाठ आदि कर सकते हैं. वाराह पुराण के अनुसार, व्यतीपात योग में आप ये काम करते हैं तो अन्य दिनों की तुलना में उसके लाख गुणा अधिक पुण्य फल प्राप्त होते हैं. ये कार्य मन को शांति प्रदान करने वाले होते हैं. इस योग में आप दान-पुण्य भी कर सकते हैं.
About the Author
कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
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