Wednesday, February 18, 2026
29 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Mahabharat Katha: कुरुक्षेत्र से 175 किमी दूर बैठे संजय ने कैसे की युद्ध की लाइव कमेंट्री, जैसे धृतराष्ट्र के सामने चल रहा हो टीवी


Last Updated:

Mahabharat Katha: महाभारत युद्ध शुरू हुआ तो हस्तिनापुर में बैठे धृतराष्ट्र को संजय युद्ध का आंखों देखा हाल इस तरह से सुना रहे ​थे, जैसे सामने टीवी चल रहा हो और वे एक-एक घटना की लाइव कमेंट्री कर रहे हों. हस्तिनापुर और कुरुक्षेत्र के बीच…और पढ़ें

कुरुक्षेत्र से दूर संजय ने कैसे की युद्ध की लाइव कमेंट्री, जैसे चल रहा हो टीवी

महाभारत में संजय और धृतराष्ट्र.

महाभारत में कौरवों ने जब पांडवों को 5 गांव देने की बात भी नहीं मानी, तो कुरुक्षेत्र के युद्ध का आगाज हुआ. कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों की सेनाएं आमने-सामने थीं. युद्ध शुरू हुआ तो हस्तिनापुर में बैठे धृतराष्ट्र को संजय युद्ध का आंखों देखा हाल इस तरह से सुना रहे ​थे, जैसे सामने टीवी चल रहा हो और वे एक-एक घटना की लाइव कमेंट्री कर रहे हों. देखा जाए तो हस्तिनापुर और कुरुक्षेत्र के बीच में अच्छी खासी दूरी है. फिर संजय ने करीब 200 किलोमीटर दूर बैठकर धृतराष्ट्र को युद्ध का आंखों देखा हाल कैसे बयान किया? आइए जानते हैं इसके बारे में.

हस्तिनापुर और कुरुक्षेत्र के बीच 175 किमी की दूरी
वर्तमान समय में देखा जाए तो हस्तिनापुर और कुरुक्षेत्र के बीच 175 किलोमीटर की दूरी है. हस्तिनापुर उत्तर प्रदेश में मेरठ के पास स्थित है, जबकि कुरुक्षेत्र हरियाणा का प्रसिद्ध स्थान है. आज के सड़क मार्ग से हस्तिनापुर और कुरुक्षेत्र के बीच दूरी 175 किमी है. गूगल मैप की मदद से देखें तो इस दूरी को तय करने में 3 घंटे से अधिक समय लगेगा. हो सकता है कि द्वापर युग में यह दूर और भी कम हो, लेकिन हस्तिनापुर और कुरुक्षेत्र के बीच की दूरी फिर कम नहीं रही होगी.

महाभारत में कौन थे संजय?
संजय राजा धृतराष्ट्र के सलाहकार और सारथी थे. स्पष्टवादी ​होने के कारण वे समय-समय पर धृतराष्ट्र को वास्तविकता से परिचित कराते रहते थे. वेद व्यास जी संजय के गुरु थे. वे एक दासी पुत्र थे. उनके पिता का नाम गावल्यगण था. संजय धृतराष्ट्र के साथ रहते थे, युद्ध के समापन के बाद भी वे धृतराष्ट्र के पास रहे.

अर्जुन के साथ संजय ने भी सुना गीता का उपदेश
कुरुक्षेत्र के युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को धर्म युद्ध के लिए प्रेरित किया. उनको वास्तविकता का ज्ञान कराने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपने विराट स्वरूप का दर्शन कराया और गीता का उपदेश दिया. कहा जाता है कि अर्जुन के साथ-साथ संजय ने भी गीता का उपदेश सुना था.

संजय ने धृतराष्ट्र को कैसे सुनाया युद्ध का आंखों देखा हाल?
कहा जाता है​ कि जब कुरुक्षेत्र के युद्ध की घोषणा हुई तो धृतराष्ट्र जन्मांध थे. वे युद्ध में शामिल नहीं हो सकते थे और न ही देख सकते थे. इस वजह से काफी परेशान हो जाते. तब महर्षि वेद व्यास जी ने संजय को दिव्य दृष्टि प्रदान की थी. उस दिव्य दृष्टि की वजह से ही संजय ने कुरुक्षेत्र युद्ध का पूरा विवरण महल में बैठे धृतराष्ट्र को सुनाया था.

संजय ने धृतराष्ट्र को युद्ध की हर घटना के बारे में बताया था. चाहें अभिमन्यु का वध हो, कर्ण की वीर गति या फिर दुर्योधन समेत सभी 100 पुत्रों के मारे जाने की घटना. युद्ध के समापन के बाद संजय की दिव्य दृष्टि खत्म हो गई. यह युद्ध तक के लिए थी.

युद्ध के बाद कहां गए संजय
कुरुक्षेत्र का युद्ध खत्म होने के बाद संजय युधिष्ठिर के राज्य में काफी समय तक रहे. जब कुंती, धृतराष्ट्र और गांधारी ने संन्यास लिया तो संजय ने भी उनके साथ ही संन्यास ले लिया. धृतराष्ट्र का जब निधन हुआ तो संजय हिमालय की ओर चले गए.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/dharm/mahabharat-katha-how-sanjay-performed-live-commentary-of-kurukshetra-yudha-from-hastinapur-for-king-dhritarashtra-8951286.html

Hot this week

Topics

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...

दीपिका पादुकोण स्टाइल रसम राइस रेसिपी आसान तरीका और खास टिप्स.

दीपिका पादुकोण कई इंटरव्यू और सोशल मीडिया वीडियोज़...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img