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Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने जा रहे हैं तो वहां की पावन धरती से अपने साथ ये दो चीजें जरूर घर लेकर आएं. मान्यता है कि ये 2 पवित्र वस्तुएं लाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार…और पढ़ें
कुंभ में स्नान करने जाएं तो वहां से त्रिवेणी संगम की शुद्ध मिट्टी जरूर लाएं.
Mahakumbh 2025: इन दिनों प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है. करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से यहां पहुंच कर महासंगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. 13 जनवरी से लेकर 25 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ का संयोग लगभग 144 वर्षों बाद बना है. प्रयागराज को समस्त तीर्थों का राजा कहा जाता है, क्योंकि यहां गंगा, युमान और सरस्वती नदी का संगम भी है, इसलिए इसे संगम नगरी भी कहते हैं. इस वर्ष संगम के ही पावन तट पर ये महाकुंभ लगा है. यदि आप भी महाकुंभ जाने वाले हैं तो वहां से अपने साथ दो चीजें जरूर लेकर आइएगा. यह आपके जीवन को सकारात्मक तरीके से बदल देगा.
महाकुंभ जाएं तो दो चीजें जरूर साथ लाएं
1. पवित्र मिट्टी- स्पिरिचुअल लीडर शिवम साधक जी महाराज का कहना है कि यदि आप कुंभ जाकर पवित्र नदी में स्नान करें तो वहां से थोड़ी सी मिट्टी जरूर साथ लेकर आएं. त्रिवेणी संगम की मिट्टी बहुत ही शुद्ध, पवित्र और शुभ मानी जाती है. इस मिट्टी को अपने घर के मंदिर के पास थोड़ी सी रख दें और थोड़ी सी मिट्टी घर के मुख्य द्वार के पास संभाल कर रख दीजिए. इससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा आने लगेगी और नकारात्मकता दूर होगी. घर का वातावरण शांत बना रहेगा.
2. शिवलिंग- प्रयागराज महाकुंभ जाएं तो इस स्थान से शिवलिंग भी जरूर साथ लाएं. ऐसा करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है. शिवलिंग लाकर आप अपने पूजा घर में स्थापित करें. इसकी पूजा करते हैं तो भगवान शंकर आपकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करेंगे. आपके घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है.
महाकुंभ का महत्व
गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर महाकुंभ का आयोजन हुआ है. 11 पूर्ण कुंभ होने के बाद इस बार लगने वाला 12वां पूर्ण कुंभ महाकुंभ है, क्योंकि यह 144 साल में एक बार लगता है. प्रत्येक कुंभ मेला हर 12 साल में एक बार अलग-अलग स्थानों पर लगता है और महाकुंभ 144 साल में एक बार आयोजित होता है. मान्यताओं के अनुसार, देवताओं के 12 दिन इंसानों के लिए 12 वर्ष के समान होते हैं. महाकुंभ धार्मिक आस्था के साथ ही शांति, एकता और भक्ति का संदेश भी देता है. पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंभ में स्नान करने से व्यक्ति द्वारा किए गए सभी पाप धुल जाते हैं. नियमानुसार यदि स्नान करें तो जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि आती है.
कब-कब हैं अमृत स्नान की तिथि
13 जनवरी को पौष पूर्णिमा और 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पड़ा था अमृत स्नान. इसके बाद 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर शाही यानी अमृत स्नान करने का मौका मिलेगा. फिर सभी तीर्थयात्रियों को त्रिवेणी संगम में स्नान करके खुद को शुद्ध करने का अवसर 3 फरवरी (वसंत पंचमी), 12 फरवरी (माघी पूर्णिमा) और 26 फरवरी महाशिवरात्रि के पावन दिन अमृत स्नान करने का शुभ अवसर प्राप्त होगा.
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January 23, 2025, 14:11 IST
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https://hindi.news18.com/news/dharm/mahakumbh-2025-prayagraj-going-to-take-holy-bath-in-kumbh-must-bring-these-2-things-home-for-positivity-will-change-your-life-very-auspicious-8971124.html

















