
दरभंगा : 16 दिसंबर 2024 ई. को धनु संक्रांति है. सभी राशि वालों के लिए नवीन व्यापार के क्षेत्र में कार्य आरंभ करना श्रेष्ठकर नहीं होगा. यह अशुभकारक स्थिति पैदा करेगी. ऐसा कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर ज्योतिष विभाग के विभागअध्यक्ष डॉक्टर कुणाल कुमार झा का कहना है. राशिफल के गणना में आगे उन्होंने बताया कि आज 16 दिसंबर 2024 का राशिफल के मुताबिक विवेचन किया जा रहा है.
इस राशि के जातक को घर अथवा बाहर कहीं भी मन नहीं लगेगा मन में बेचैनी और शारीरिक थकावट महसूस होगी. साथ में पेट से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं. इस राशि के जातक जिन्हें न्यायालय संबंधित बाद विवाद चल रहा है उसमें सफलता को लेकर विलंब हो सकता है. इस राशि के जातक अपने साहस और धैर्य के कारण विपरीत परिस्थिति में भी विचलित नहीं होंगे.
इस राशि के जातकों को आज के दिन किसी न किसी समाज सेवा कार्य करने का मौका मिलेगा, जिससे उनके मन में प्रसन्नता आएगी. कोई एक खुशखबरी आज उन्हें मिल सकती है ऐसा योग उनके लिए बन रहा है. धार्मिक कार्य में सम्मिलित होने से इस राशि के जातक प्रश्न मुद्रा में रहेंगे. कोई भी कार्य करने से पहले या फिर असमंजस की स्थिति में अपने पिता से वह परामर्श ले सकते हैं. साथ में इस राशि के जातकों के भाई-बहन का सहयोग उनके साथ रहेगा उनका साथ मिलेगा, जिससे कि उनकी परेशानी कम होगी और मन में प्रसन्नता होगी.
मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए यह जो समय है जो पूर्व से व्यापार करते आ रहे हैं उसे क्षेत्र में लाभकारी योग है. वहीं भवन भूमि और वहां के क्षेत्र में इस राशि के जातक को पूर्ण सफलता मिलेगी.
वृष राशि : वृष राशि वालों के लिए भाग्य क्षेत्र सफलताएं प्राप्त करावेगी वही कर्म क्षेत्र में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी. इन राशि के जातकों के लिए दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ और शिव सहस्त्रनाम करना लाभप्रद रहेगा.
मिथुन राशि : इस राशि के जातक जातकों के लिए 16 दिसंबर 2024 से 18 अप्रैल 2025 तक का जो समय है इसमें शनि की साढ़ेसाती चल रही है . इस राशि के जातक को व्यापार के क्षेत्र में धान की प्राप्ति होगी लेकिन उस धन से पूर्णतः शारीरिक सुख की प्राप्ति होगी लेकिन धन संचय कारक योग उतना प्रबल नहीं है क्योंकि आनआवश्यक खर्च होंगे. इसके उपाय शांति के लिए मंगल व्रत और दुर्गा सप्तशती का पाठ और सुंदरकांड का पाठ करना शुभप्रद होगा.
कर्क राशि : वालों के लिए भी यह समय उपयुक्त नहीं है अतः इसके जातक को शिक्षा, व्यापार, कृषि से संबंधित क्षेत्र में राजनीति क्षेत्र में भी बाधाकारक है. आंशिक सफलता मिलेगी. इसमें राहु की उपासना लाभप्रद होगा मंगल व्रत और चतुर्थ अध्याय दुर्गा पाठ करना लाभदायक होगा.
सिंह राशि : वालों के लिए भी शनि साढ़ेसाती चल रही है कृषि, शिक्षा, उद्योग, राजनीतिक क्षेत्र में और प्रशासनिक क्षेत्र में भी बाधा कारक योग बन रहा है. मंगलवार का व्रत करना चाहिए वाल्मिकीकृत रामायण का पाठ करना चाहिए और दुर्गा सप्तशती के चौथे अध्याय का पाठ करना लाभप्रद होगा.
कन्या राशि : वालों के लिए यह वर्ष शुभ दायक है इसमें शिक्षा से संबंधित व्यवसाय कृषि से संबंधित और राजनीति क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त होगी. परंतु इस राशि के जातकों के लिए शनि की उपासना लाभदायक होगा साथ में मंगल व्रत भी. इस राशि की जातक को 29 जून 2025 ई तक शनि के आराधना से लाभदायक होगा.
तुला राशि : वालों के लिए वर्ष मिश्रित फलों को देगी. इसमें पारिवारिक सुख शामिल है. लेकिन व्यापार के क्षेत्र में बात करें तो कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में उद्योग करना बाधा कारक है. इस राशि के जातक को केतु की उपासना और मंगल व्रत करना लाभदायक है.
वृश्चिक राशि : वालों के लिए भी यह वर्ष मिश्रित फलाफल कारक है. इस राशि के जातकों को प्रशासन से संबंधित राजनीति से संबंधित शिक्षा से संबंधित व्यापार में सफलता मिलेगी. इस राशि के जातक को राहु की उपासना करना लाभकारी होगा. मंगल का पाठ और दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ और बाल्मिकीकृत रामायण के सुंदरकांड का पाठ करना कल्याण कारक होगा.
धनु राशि : वालों के लिए व्यापार क्षेत्र में विलंब से सफलता मिलेगी. इस जातक के लिए शिक्षा से संबंधित व्यापार कृषि से संबंधित व्यापार और राज्यनीति से संबंधित नवीन कार्य आरंभ में सफलता मिलेगी. इस राशि के जातक के लिए सामान्य बाधक कारक योग है पूर्ण सफलता मिलेगी परंतु देर से. इनके लिए अनुन रवि व्रत और शनि व्रत लाभदायक रहेगा.
मकर राशि : वालों के लिए 18/ 4/ 2025 तक शनि की साढ़ेसाती रहेगी . इस राशि के जातकों के लिए कृषि उद्योग व्यापार शिक्षा से संबंधित व्यापार में विलंब से लाभ कारक स्थिति होगी. इस राशि के जातक के लिए 29/6/2025 के बाद राहु केतु की उपासना और रवि व्रत अनुनना, मंगल व्रत और दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ करना लाभप्रद होगा.
कुंभ राशि : के जातकों के लिए शनि की साढ़ेसाती चल रही है इस राशि के जातकों को व्यापार के क्षेत्र में विलंब से आंशिक लाभ प्राप्त होगी. इस राशि के जातक के लिए भी यह वर्ष शुभप्रद नहीं है . राजनीतिक क्षेत्र में और व्यापार के क्षेत्र में जो अपना पूंजी का निवेश करेंगे. उसमें विलंब से लाभ मिलेगा. इस राशि के जातक को मंगल व्रत और दुर्गा सप्तशती का चतुर्थ अध्याय का पाठ शनि पूजन तीन तेल से हनुमत दीपदान पीपल वृक्ष का पूजन काला, कंबल, छाता, जूता, लोहा तमाम चीजों का दान और हनुमान चालीसा का पाठ शिव पूजन करना चाहिए.
मीन राशि : के जातकों के लिए भी शनि की साढ़ेसाती चल रही है इसमें जातक नवीन किसी भी का .चाहे आरंभ राजनीतिक क्षेत्र में हो या किसी और क्षेत्र में कार्य वो बाधा कारक है. विलंब से सफलता मिलेगी. इस राशि के जातकों को बढ़ा के बाद विलंब से सफलता मिलेगी.
FIRST PUBLISHED : December 16, 2024, 07:33 IST
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