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Varuthini Ekadashi 2025: वरुथिनी एकादशी पर करें ये 5 चमत्कारी उपाय, दूर होंगी सारी परेशानियां!


Varuthini Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत अधिक महत्व माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं. हालांकि सालभर पड़ने वाली सभी एकादशी तिथि का महत्व अलग-अलग होता है और वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी का भी अलग ही महत्व है, इस एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है.

मान्यताओं के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है. इस व्रत को करने से मनुष्य को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है व मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसके अलावा इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने से जातक को धन, संपत्ति व मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. ऐसे में ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अगर वरुथिनी एकादशी के दिन कुछ विशेष उपाय कर लिये जाएं तो व्यक्ति की कई समस्याएं दूर हो सकती है. तो आइए पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार जानते हैं कब पड़ रही वरुथिनी एकादशी और क्या करें इस दिन उपाय.

कब पड़ रही वरुथिनी एकादशी
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 23 अप्रैल, बुधवार के दिन शाम 04 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी और 24 अप्रैल, गुरुवार के दिन दोपहर 02 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी. चूंकि उदयातिथि मान्य होती है इसलिए वरुथिनी एकादशी का व्रत 24 अप्रैल दिन गुरुवार को रखा जाएगा.

वरुथिनी एकादशी के दिन करें ये उपाय

विष्णु जी को ऐसे कराएं स्नान
वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को शंख से स्नान कराया जाए तो वे जल्द प्रसन्न होते हैं और जातक को मनचाहा वरदान प्रदान करते हैं. क्योंकि श्रीहरि विष्णु को शंख बहुत प्रिय है.

पूरे घर में थिड़क दें ये चीज
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और उसके बार जो शंख पूजा में आपने उपयोग में लिया था उसमें गंगाजल को भरकर पूरे घर में इसका छिड़काव करें, इससे आपके घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. माना जाता है कि ऐसा करने से जातक के सुख-सौभाग्य में भी वृद्धि होती है.

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भोग में जरुर शामिल करें ये पत्ता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब भी भगवान विष्णु को भोग लगाएं तो उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य ही शामिल करना चाहिए. क्योंकि बिना तुलसी के पत्ते के विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते हैं. एकादशी के दिन भोग में तुलसी का पत्ता डालकर उन्हें अर्पित करने से विष्णु जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त की मुराद जरुर पूरी करते हैं. लेकिन एक बात का ध्यान रखें की तुलसी का पत्ता एकादशी के दिन ना तोड़े.

गाय से बने घी का जलाएं दीया
वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान श्रीविष्णु की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो इस दिन उन्हें गाय के घी का दीपक लगाना चाहिए व उनसे सच्चे मन से प्रार्थना व कथा का पाठ करना चाहिए. इससे उनका आशीर्वाद आपको जल्द प्राप्त होता है और मनोकामनाएं पूरी होती है.

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पीले रंग की चीजों का करें उपयोग
वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के वस्त्रों सहित पीले पूल, चंदन, पीली मिठाई, फल आदि अर्पित करना बहुत शुभ फल प्रदान करता है. क्योंकि भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है.


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https://hindi.news18.com/news/astro/astro-tips-varuthini-ekadashi-2025-date-muhurt-vrat-and-upay-to-get-blessings-of-lord-vishnu-9180208.html

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