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Holi Celebration: शिव-पार्वती के रूप में संपन्न हुआ विवाह, खास है पाली की ये होली ये परंपरा, मंदिर में निकाली जाती है बारात

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Holi Celebration: पाली के बूसी गांव में होली के दूसरे दिन मौजीराम-मौजनी देवी का अनूठा विवाह महोत्सव होता है. शिव-पार्वती के रूप में बारात निकालकर हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न होता है.

पाली में होली की बहुत खास है परंपरा, शिव और पार्वती विवाह का खास आयोजन

भगवान शिव के अवतार के रूप में मौजीराम और मां पार्वती के स्वरूप में होता है विवाह

हाइलाइट्स

  • पाली में होली के दूसरे दिन होता है अनूठा विवाह महोत्सव
  • शिव-पार्वती के रूप में होता है मौजीराम-मौजनी देवी का विवाह संपन्न
  • मंदिर में आरती के साथ होता है विवाह समारोह का समापन

 पाली. रंगो के त्यौहार होली की बात करे तो राजस्थान भर में अलग-अलग परपंराओं के लिहाज से इस पर्व को मनाया जाता है. ऐसे में बात पाली की करे तो यहां पर होली के दूसरे दिन पाली जिले में आने वाले बूसी में अनूठा विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाता हैं. जिसमें शिव-पार्वती के रूप में मौजीराम-मौजनी देवी का विवाह होता है. इसमें बकायदा बारात निकालने के साथ ही हिंदू रीति-रिवाजों के साथ यह अनूठा विवाह समारोह सम्पन्न करवाया जाता है. इस कार्यक्रम का समापन मौजीराम को मंदिर में विराजमान करने और आरती के साथ ही होता है. इस बार भी होली के दूसरे दिन इस अनूठे विवाह की परपंरा को निभाने के लिए मौजनी माता मित्र मंडल के सदस्यों द्वारा तैयारियां शुरू कर दी है.

होली के दूसरे दिन शुरू होती है यह परपंरा
राजस्थान के सोमेसर कस्बे के बूसी गांव में एक पारंपरिक विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. होली के दूसरे दिन धुलंडी पर होने वाले इस विशेष समारोह में भगवान शिव के अवतार के रूप में मौजीराम और मां पार्वती के स्वरूप में मौजनी देवी का विवाह 14 मार्च 2025 को संपन्न होगा. कार्यक्रम की शुरुआत शाम 8 बजे ओड़वारियो वास में जैन मंदिर से होगी. यहां मौजीराम की पूजा-अर्चना के बाद बारात निकलेगी. बारात सोनारों के वास होते हुए स्थानीय रावले पहुंचेगी. रावले के बाहर कवि छत्तीस कौम की कथा का वाचन करेंगे.

बारात के साथ मंदिर विराजमान तक होती है सम्पन्न
इसके बाद बारात ब्रह्मपुरी स्थित मौजनी देवी के घर जाएगी. वहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न होगा. महाप्रसादी के बाद बारात मुख्य मार्गों से होते हुए वापस लौटेगी. कार्यक्रम का समापन मौजीराम को मंदिर में विराजमान करने और आरती के साथ होगा.

महोत्सव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक
मौजनी माता मित्र मंडल के सदस्य कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हैं. मौजनी माता मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में विवाह महोत्सव की विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई. बैठक में पंडित संजय त्रिवेदी, विनोद जैन, रामचंद्र प्रजापत, चौथाराम मालवीय, मुकेश प्रजापत, शुभम त्रिवेदी, कस्तूरचंद, मानाराम सीरवी और सुरेश सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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पाली में होली की बहुत खास है परंपरा, शिव और पार्वती विवाह का खास आयोजन


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/culture-rajasthan-holi-celebration-as-the-marriage-of-maujiram-as-the-incarnation-of-lord-shiva-and-maujni-as-the-incarnation-of-mother-local18-9097037.html

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