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अगहन पूर्णिमा पर हरिहर स्नान का क्या है महत्व, हरिहरनाथ महादेव की क्यों होती पूजा? दरभंगा के ज्योतिषी से जानें


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अगहन मास में हरिहर स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. जो इस वर्ष 4 दिसंबर 2025 को पूर्णिमा तिथि पर होगा. दरभंगा के ज्योतिषाचार्य डॉ. धीरज कुमार झा के अनुसार छपरा के सोनपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर में हरि (विष्णु) और हर (महादेव) दोनों की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है. यह स्थान गजेंद्र मोक्ष की कथा से जुड़ा है.

दरभंगाः भारतीय पंचांग का अगहन मास अपने आप में अत्यंत खास और शुभ माना जाता है. इस महीने में सोनपुर स्थित हरिहरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना करना बेहद कल्याणकारी और शुभ फलदायक होता है. इस मास में एक विशेष तिथि पर हरिहर स्नान की परंपरा का विशेष महत्व है, जो इस वर्ष 4 दिसंबर 2025 को अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन पड़ेगा. दरभंगा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. धीरज कुमार झा ने इस संबंध में विस्तार से समझाया है.

यह दिन हरिहर क्षेत्र में स्नान के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है, क्योंकि यह क्षेत्र स्वयं में एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जो गजेंद्र मोक्ष की कथा से जुड़ा हुआ है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब एक हाथी (गज) के पांव को मगरमच्छ ने अपने मुख में ले लिया था, तब गज ने गजेंद्र मोक्ष का पाठ करते हुए भगवान को पुकारा था. उसकी पुकार सुनकर साक्षात् हरि (भगवान विष्णु) और हर (महादेव) दोनों प्रकट हुए और उन्होंने मगरमच्छ से हाथी को मुक्त कराया था. तभी से यहां हरिहर स्नान की परंपरा विशेष रूप से मनाई जाती है.

विष्णु और महादेव की पूजा एक साथ 
इस स्थान की सबसे विशेष बात यह है कि छपरा जिले के सोनपुर में स्थित इस मंदिर में हरी (भगवान विष्णु) और हर (साक्षात् महादेव) दोनों का विग्रह (मूर्ति) एक ही मंदिर में मौजूद है. यहां दोनों देवों का एक साथ जलाभिषेक किया जाता है. जिससे भक्तों को शुभत्वों की प्राप्ति होती है. हरिहर स्नान का यह अवसर एक ऐसा समय होता है जब भगवान विष्णु और महादेव दोनों की पूजा एक साथ करने का सौभाग्य प्राप्त होता है. यह एक ऐसा दिन है जब भक्त अपने जीवन के सभी पापों से मुक्ति पाकर अपने जीवन को पवित्र बना सकते हैं.

हरिहर स्नान के लिए भक्तों को अगहन मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को सोनपुर स्थित हरिहरनाथ महादेव मंदिर जाना होता है और वहाँ हरि और हर दोनों का एक साथ जलाभिषेक कर सकते हैं. मान्यता है कि यह स्नान जीवन में पवित्रता लाता है और सभी कष्टों से निजात दिलाता है.

About the Author

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Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.

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अगहन पूर्णिमा पर हरिहर स्नान का क्या है महत्व, दरभंगा के ज्योतिषी से जानें

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