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आस्था और शांति का संगम है धनबाद का ये चित्ताही धाम, दर्शन मात्र से पूरी होगी मनोकामना


धनबाद के बाघमारा क्षेत्र में स्थित चित्ताही धाम, जिसे राम राज्य मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है. 2019 में स्थापित इस मंदिर ने अल्प समय में ही पूरे क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना ली है. यह मंदिर भगवान श्रीराम और शिव जी के प्रति आस्था रखने वाले लोगों के लिए एक पवित्र स्थल बन गया है, जहां आकर भक्तजन मानसिक शांति और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं.

राम राज्य मंदिर का इतिहास और स्थापना
इस मंदिर की नींव एक छोटे से राम मंदिर के रूप में रखी गई थी. धीरे-धीरे, स्थानीय निवासियों के सहयोग से इसे एक भव्य रूप प्रदान किया गया. वर्ष 2019 में धनबाद के तत्कालीन विधायक (अब सांसद) द्वारा इस मंदिर का उद्घाटन किया गया, और तभी से इस स्थल पर श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया. स्थानीय निवासी बताते हैं कि मंदिर की स्थापना के बाद से यहां हर साल भव्य यज्ञ का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं.

मंदिर के पुजारी, आशीष पांडे जी, ने इस मंदिर की प्रसिद्धि के पीछे आस्था और ग्रामवासियों के सहयोग का बड़ा हाथ बताया. वे कहते हैं कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं भगवान की कृपा से पूरी होती हैं. यही कारण है कि लोग चुनरी चढ़ाते हैं और भगवान श्रीराम और शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

आध्यात्मिक शांति और भक्तों का अनुभव
धनबाद से आए एक दंपति ने मंदिर में अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि इस स्थान पर आने से उन्हें एक अलग तरह की शांति का अनुभव होता है. पति-पत्नी ने बताया कि मंदिर का शांत और पवित्र वातावरण उनके मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होता है. वे कहते हैं, “यह मंदिर हमें अपने जीवन के सभी तनावों से मुक्त करता है और एक नई ऊर्जा का संचार करता है. यहां आकर ऐसा महसूस होता है मानो हम एक विशेष आशीर्वाद और शांति का अनुभव कर रहे हों.”

धार्मिक अनुष्ठान और यज्ञ का आयोजन
चित्ताही धाम में सुबह के समय विशेष रूप से शिव पूजन का आयोजन होता है. श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान को चुनरी अर्पित करते हैं और शिव जी की पूजा करते हैं. प्रत्येक वर्ष यहां भव्य यज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं. यज्ञ के समय वातावरण में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा का संचार होता है, जिससे भक्तगण खुद को भगवान के और करीब महसूस करते हैं. मंदिर के पुजारी का कहना है कि यज्ञ के समय यहां के आध्यात्मिक वातावरण में एक विशेष प्रकार का पावन स्पर्श होता है, जो श्रद्धालुओं के दिलों को छू जाता है.

फोटोग्राफी की विशेषता और यादगार पल
मंदिर के पास कुछ फोटोग्राफर भी मौजूद रहते हैं, जो श्रद्धालुओं के अनुभव को कैमरे में कैद करते हैं. विवेक कुमार, जो इस स्थान पर फोटोग्राफी का कार्य करते हैं, बताते हैं कि लोग यहां अपने अनुभवों को स्मृति के रूप में संजोकर ले जाना चाहते हैं. विवेक मात्र 50 रुपये में A4 साइज की फोटो उपलब्ध कराते हैं. उनके अनुसार, “यहाँ आने वाले लोग अपने खास पलों को हमेशा के लिए सहेजना चाहते हैं, और फोटोग्राफी उनके लिए एक यादगार सेवा बन गई है.”

चित्ताही धाम: आस्था और शांति का स्थल
चित्ताही धाम का राम राज्य मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक ऐसा पवित्र स्थान भी है, जहां आस्था, शांति, और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. यहां का आध्यात्मिक वातावरण और आशीर्वाद से भरी अद्भुत ऊर्जा भक्तों को बार-बार यहां खींच लाती है. लोग अपने जीवन की समस्याओं को भूलकर यहां कुछ समय बिताते हैं और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं.

धनबाद के बाघमारा क्षेत्र में स्थित यह मंदिर, झारखंड के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र में एक नई पहचान बना चुका है. भगवान श्रीराम और शिव जी की इस पावन भूमि पर लोग दूर-दूर से आते हैं और अपने मन की शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव करते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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