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इस दिन भूलकर भी ना तोड़े बेलपत्र, भगवान भोलेनाथ हो जाएंगे गुस्सा, बढ़ जाएगी आपकी परेशानी, जानें सही तरीका


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Belpatra Plucking Method: भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र बहुत प्रिय होता है शिव पुराण में भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र चढ़ाने के विशेष नियम बताए गए हैं. ऐसी मान्यता है कि इन नियमों का पालन कर भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र अर्…और पढ़ें

इस दिन भूलकर भी ना तोड़े बेलपत्र, भगवान भोलेनाथ हो जाएंगे गुस्सा, जानें तरीका

सप्ताह के इस दिन भूलकर भी ना तोड़े बेलपत्र

हाइलाइट्स

  • सोमवार को बेलपत्र तोड़ने से भगवान भोलेनाथ नाराज हो सकते हैं.
  • बेलपत्र चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या को भी नहीं तोड़ना चाहिए.
  • बेलपत्र कई दिनों तक ताजा रहता है, इसे पहले तोड़कर रख सकते हैं.

पूर्णिया. भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र बहुत प्रिय होता है. शिव पुराण में भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र चढ़ाने के विशेष नियम बताए गए हैं. वहीं इन नियमों का पालन कर अगर कोई भी व्यक्ति भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र अर्पित करते हैं तो निश्चित तौर पर उनकी मनोकामनाएं जल्द पूरी होती है और महादेव जल्द प्रसन्न होकर उन्हें वरदान देते हैं.

लेकिन क्या आपको पता है कि बेलपत्र तोड़ने से पहले कई नियम और कायदे शास्त्रों में बताए गए हैं. धर्मशास्त्र के मुताबिक बेलपत्र को पवित्र पौधा में से एक माना जाता है जिस पौधे में भगवान भोलेनाथ का स्थान रहता है वहीं बेलपत्र के पौधे आसपास रहने से लोगों को शुद्ध हवा के साथ कई पॉजिटिव शक्तियां भी मिलती हैं. जानकारी देते हुए पूर्णिया के पंडित दयानाथ मिश्र कहते हैं कि देवों के देव महादेव का पूजन करने में बेलपत्र ना हो तो पूजा अधूरी मानी जाती है. इसलिए भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र चढ़ाने का विधान है.

बेलपत्र चढ़ाने से महादेव होते है अति प्रसन्न
उन्होंने कहा भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा करने से व्यक्ति को हर तरह के संकटों से निजात मिल सकती है. हालांकि, शिवलिंग की पूजा के दौरान जलाभिषेक, दुधाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाना काफी शुभ फलदायक माना जाता है. वहीं भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र अति प्रिय है. मान्यता है कि शिवजी को मात्र एक बेलपत्र श्रद्धापूर्वक चढ़ाया जाए तो वह जल्द प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं जबकि शिव पुराण में भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने के कई नियम कायदे बताए गए हैं.

सोमवार को भूलकर भी ना तोड़े बेलपत्र
वह कहते हैं कि बेलपत्र चढ़ाने से पहले बेलपत्र तोड़ने के नियम कायदे को जानना जरूरी है. उन्होंने कहा शिव पुराण के अनुसार बेलपत्र चढ़ाते समय भी कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र सप्ताह के सोमवार के दिन बिल्कुल भी ना तोड़े ऐसा माना जाता है कि सोमवार के दिन बेलपत्र तोड़ने से भगवान भोलेनाथ नाराज हो सकते हैं. इसलिए अगर आपको बेलपत्र से पूजा करना हो तो आप एक दिन पहले यानी रविवार के दिन बेलपत्र को तोड़कर रख सकते हैं यह कई दिनों तक ताजी रहती है.

बेलपत्र कई दिनों तक नहीं होती है बासी
उन्होंने कहा शिव पुराण के अनुसार सोमवार के अलावा हर महीने के चतुर्थी तिथि, अष्टमी तिथि, नवमी और चतुर्दशी और अमावस्या तिथि के अलावा संक्रांति तिथियां के दिन भी बेलपत्र को नहीं तोड़ना चाहिए, इन दिनों बेलपत्र तोड़ने से भगवान भोलेनाथ नाराज हो जाते हैं और घर में परेशानियां क्लेश आने लगते हैं. उन्होंने कहा शिव पुराण के अनुसार बेलपत्र तोड़ने के कई दिन बाद भी बेलपत्र बासी नहीं होता है और यह ताजी रहती हैं. जबकि इसे आप अपनी श्रद्धा के अनुसार भोलेनाथ को अर्पित कर सकते हैं.

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इस दिन भूलकर भी ना तोड़े बेलपत्र, भगवान भोलेनाथ हो जाएंगे गुस्सा, जानें तरीका

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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