ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, आंवला पूजा मिथिलांचल में काफी धूमधाम से मनाया जाता है और इस दिन आंवला का चटनी अनिवार्य रूप से लोग खाते हैं. सभी प्रकार का पकवान इसी आंवला पेड़ के नीचे बनाया जाता है और आंवला के फल को पीसकर पूरे शरीर पर लेप लगाने से नारायण जैसी अनुभूति होती है.







