मानवता और जरूरतमंद की सहायता और दान दक्षिणा का महत्व बताया गया है. आपको दान की जाने वाली वस्तु और दान का समय जरूर ध्यान रखना चाहिए.
Kab Aur Kounsa Daan Nahi Falta : सभी धर्मों में मानवता और जरूरतमंद की सहायता और दान-दक्षिणा का महत्व बताया गया है. वहीं सनातन धर्त में भी दान को लेकर ग्रंथों में कई बातों का उल्लेख है. ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति दान करता है, उसके जीवन में किसी चीज की कमी नहीं होती और इसे सिर्फ धर्म का हिस्सा ना मानकर दिनचर्या का हिस्सा माना गया है. लेकिन भोपाल निवासी ज्योतिष आचार्य पंडित योगेश चौरे कहते हैं कि दान करते समय आपको दान की जाने वाली वस्तु और दान करने का समय जरूर ध्यान रखना चाहिए क्योंकि ऐसा ना करने पर आपको इसका कोई फल नहीं मिलता. तो आइए जानते हैं कैसा और कब दान करना होता है खराब?
अपने धन का दान ना करना
शास्त्रों के अनुसार, आप जिस चीज का दान कर रहे हैं, वह अपने धन से खरीदी हुई होनी चाहिए. यदि आप ऐसा पैसा, जो आपका नहीं है या फिर उस पैसे से खरीदी गई वस्तु, जो आपके पैसे से नहीं खरीदी गई है और उसका दान करते हैं तो ऐसा दान व्यर्थ कहलाता है. इस दान का आपको कोई भी फल नहीं मिलता.
दान का बखान करना
कई बार लोग दान तो करते हैं लेकिन जिस जरूरतमंद की मदद करते हैं, उसे इतना अधिक बताते हैं, जितना दान भी उन्होंने नहीं किया होता. जैसे कि 5 रुपए का दान और 500 का बताना या इसका बखान सैकड़ों लोगों को कर देना. यदि दान के बाद आप भी कुछ ऐसा ही करते हैं तो आपको इस दान का कोई फल नहीं मिलेगा.
पूर्ण मन से दान ना करना
कई बार ऐसा होता है कि आपकी क्षमता एक फल दान करने की है, लेकिन दिखावे के चक्कर में आप 10 फल दान कर देते हैं, जिसे आपका मन भी गवारा नहीं करता. ऐसे में आपके मन में भी उथल-पुथल लगी होती है. जबकि, 1 फल को आप पूरे मन से दान करते हैं. ऐसे में पूर्ण और सच्चे मन से किया गया दान आपको शुभ फल प्रदान करता है. यदि यह दिखावा है तो आपको इसका कोई फल नहीं मिलता.
FIRST PUBLISHED : December 4, 2024, 09:40 IST
