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जयपुर के इस प्रसिद्ध मंदिर में फाग महोत्सव शुरू, लोग सालभर करते हैं इंतजार, विदेशी पर्यटक भी होते हैं शामिल


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Jaipur Govind Dev Ji Temple Phag Mahotsav: जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर के 300 साल पुराना गोविंद देव जी मंदिर बेहद खास है. इस मंदिर में होने वाले कला महोत्सव के नाम से 50 करोड़ रुपए का अलग से बजट देने की घोषणा…और पढ़ें

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गोविंद

गोविंद देव जी मंदिर में होली से पहले होता हैं भव्य फाग महोत्सव का आयोजन. 

हाइलाइट्स

  • गोविंद देव जी मंदिर में फाग महोत्सव शुरू.
  • विदेशी पर्यटक भी फाग महोत्सव में शामिल होते हैं.
  • फाग महोत्सव के लिए 50 करोड़ का बजट स्वीकृत.

जयपुर. राजधानी  जयपुर में सभी त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. जिसमें होली का त्यौहार सबसे खास रहता हैं, क्योंकि जयपुर के मंदिरों में होली से पहले भव्य तरिके से फाग महोत्सव के आयोजन होता है. जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में फाग महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है और इस महोत्सव का लोग सालभर इंतजार करते हैं. गोविंद देव जी मंदिर में होली से पहले चलने वाले फाग महोत्सव में लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं और भगवान श्री कृष्ण भक्ति रस में डूबे रहते हैं. गोविंद देव मंदिर में होली से 15 दिन पहले तक फाग महोत्सव का आयोजन होता है.

मंदिर प्रशासन की ओर से सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है. आपको बता दें कि अभी गोविंद देव जी मंदिर में हर दिन लोग फाग उत्साह में सबसे ज्यादा पहुंच रहें हैं.  जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटक भी यहां भारी संख्या में आते हैं. गोविंद देव जी मंदिर में फाग महोत्सव पर हर दिन गुलाल व फूलों से अलग-अलग रचनाओं की झांकियां सजाई जाती हैं, जिन्हें तैयार करने के लिए वृंदावन व मथुरा से कारीगर यहां आते हैं.

कला महोत्सव के आयोजन के लिए 50 करोड़ स्वीकृत

आपको बता दें कि हाल ही में विधानसभा में पेश हुए राजस्थान के बजट में जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर के 300 साल पूरे होने पर सालभर गोविंद देव जी कला महोत्सव के नाम से आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए का अलग से बजट देने की घोषणा की गई है. इस बार चल रहे फाग महोत्सव में अन्य खर्च भी होगा, जिससे फाग महोत्सव में लोग अधिक से अधिक पहुंचे. आपको बता दें कि गोविंद देव जी मंदिर में फाग महोत्सव के दौरान अलग-अलग दिन भगवान गोविंद देव की झांकियां सजाई जाएगी. साथ ही ठाकुर श्रीजी की विभिन्न लीलाओं का रंग-बिरंगी गुलाल से चित्रण किया जाएगा. इसके अलावा मंदिर में अलग-अलग गायकों और मंडलियों द्वारा फागोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन भी शुरू हो गए हैं. फाग महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ लठ मार होली और फूलों की होली भी खेली जाती है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं.

होली तक मंदिर में चलता हैं भव्य फाग गायन

आपको बता दें कि गोविंद देव जी मंदिर में राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से गायक मंडलियां फाग महोत्सव में गायन के लिए पहुंचती है. जिसमें स्थानीय लोग इस उत्सव का सबसे ज्यादा आंनद लेते हैं. गोविंद देव जी मंदिर में अलग-अलग समय में भगवान कृष्ण की झांकियां के साथ मंडलियां फाग गायक करती हैं, जिसमें शहर के युवाओं से लेकर बुजुर्ग भारी संख्या में हिस्सा लेते हैं. लोग फाग महोत्सव में जमकर नृत्य और भजन करते हैं. स्थानीय लोगों के साथ फाग महोत्सव के लिए विदेशों से पर्यटक खासतौर पर फाग महोत्सव के लिए यहां आते हैं. आपको बता दें कि गोविंद देव जी मंदिर में सुबह-शाम आरती के साथ फाग महोत्सव चलता है. होली के सबसे पास के दिनों में पुष्प फागोत्सव का आयोजन होता हैं, जिसमें फाग गायन के साथ पुष्प से होली खेली जाती है.

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जयपुर के इस मंदिर में शुरू हो चुका है फाग महोत्सव, भक्ति रस में डूब रहे लोग

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