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जानिए सामान्य इंसान से लोकदेवता कैसे बने तेजाजी महाराज, जन्म स्थली खरनाल में बना हुआ है विशाल मंदिर


Agency:Bharat.one Rajasthan

Last Updated:

Lok Devta Thetaji Maharaj: राजस्थान में लोक देवता के रूप में सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता तेजाजी महाराज हैं. तेजाजी वचन के धनी व्यक्ति थे. इनका जन्म नागौर जिले के खरनाल गांव में तेजाजी का जन्म हुआ था. खरनाल स…और पढ़ें

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तेजाजी

तेजाजी महाराज मंदिर 

हाइलाइट्स

  • तेजाजी महाराज का जन्म नागौर के खरनाल गांव में हुआ था.
  • खरनाल में स्थित तेजाजी का मंदिर भव्य और विशाल है.
  • तेजाजी को वचन निभाने और गौ रक्षा के लिए लोकदेवता माना जाता है.

नागौर. राजस्थान में लोक देवता के रूप में सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता तेजाजी महाराज हैं. वैसे तो तेजाजी का मंदिर हर गांव में बना हुआ है, लेकिन इनका प्रमुख मंदिर खरनाल में बना हुआ है. इस मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और तेजाजी से मनोकामना पूर्ण होने की अरदास करते हैं. तेजाजी को सांपों का देवता भी कहा जाता है.

खरनाल सड़क किनारे स्थित तेजाजी महाराज का मंदिर भव्य और विशाल भूभाग पर फैला है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि राजस्थान में बरसात कम होने पर लोग यहां ढोल नगाड़े के साथ बिंदोरी लेकर आने से बरसात हो जाती है. ऐसे में यहां किसान बड़ी संख्या में आते हैं.

शिव के आशीर्वाद से पुत्र की प्राप्ति हुई

नागौर जिले के खरनाल गांव में तेजाजी का जन्म हुआ था. तेजाजी के पिता ताहड़ देव और माता रामकंवरी भगवान शिव के उपासक थे. मान्यता है कि माता रामकंवरी को शिव के आशीर्वाद से पुत्र की प्राप्ति हुई थी. माता-पिता ने जन्म के बाद मात्र 9 माह की आयु में ही उनका विवाह 6 माह की पेमल के साथ अजमेर जिले के पुष्कर में करवाया.

इस वजह से तेजाजी को लोकदेवता मानने लगे लोग

तेजाजी ने लाछा गुर्जरी की गायों को बचाने के लिए डाकूओं से लोहा लिया. गायों की रक्षा के लिए जाते वक्त आग में जल रहे सर्प को बचाया तो जोड़े से बिछुड़ जाने के कारण सांप क्रोधित हो गया और तेजाजी को डंसने लगा. तेजाजी ने उसे रोककर बताया कि वे गायों को बचाने जा रहे हैं. सांप को वचन दिया कि वापस लौटूंगा तब डस लेना. गौरक्षा युद्ध में तेजाजी घायल हो गए. वचन निभाने के लिए सांप के पास पहुंचे तो पूरे शरीर पर जख्म देखकर सांप ने डंसने से मना कर दिया. तेजाजी ने वचन पूरा करने के लिए अपनी जीभ निकालकर कहा कि यहां घाव नहीं है. इस पर सांप ने जीभ पर डंसा. वचन निभाते हुए गौ रक्षा के लिए दिए इस मार्मिक बलिदान के बाद तेजाजी को लोकदेवता मानकर पूजा जाने लगा.

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नागौर में यहां है तेजाजी महाराज का मंदिर, लोक देवता के तौर पर पूजते हैं लोग

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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