
अयोध्या: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है. साल के प्रत्येक महीने में प्रदोष का दो बार व्रत रखा जाता है. एक कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष का व्रत रखा जाता है. इस शुभ तिथि पर भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा आराधना करने का विधान है. कहा जाता है कि प्रदोष व्रत करने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है. इस व्रत को करने से सभी तरह की मनोकामना भी पूरी होती हैं. जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन भी होता है तो चलिए इस रिपोर्ट में जानते हैं कि दिसंबर महीने का प्रदोष व्रत कब है .
दरअसल, अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 दिसंबर को देर रात्रि 10:26 पर शुरू हो रही है जिसका समापन 13 दिसंबर को शाम 7:40 पर हो रहा है. ऐसी स्थिति में 13 दिसंबर को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा. इस दिन प्रदोष का संध्या कल शाम 5:26 से लेकर शाम 7:40 तक रहेगा. शुक्रवार के दिन यह व्रत मनाया जाएगा इस कारण यह शुक्र प्रदोष भी कहलाएगा. इस दिन मान्यता के अनुसार भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए
प्रदोष व्रत पर 3 दुर्लभ संयोग
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि मार्गशीर्ष माह के प्रदोष व्रत पर दुर्लभ संयोग का निर्माण भी हो रहा है. इस दिन शिव और सिद्धि योग भी बन रहा है. इस दिन शिव योग 10:54 तक रहेगा. इसके बाद सिद्धि योग का निर्माण होगा. साथ ही रवि योग भी बन रहा है. इस योग में भगवान शिव की पूजा आराधना करने से सभी तरह के संकट से मुक्ति मिलती है.
FIRST PUBLISHED : December 4, 2024, 14:22 IST
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