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मांगी बाई का एक भव्य और विशाल मंदिर कई वर्षों से मांगी बाई की लोक देवी के रूप में पूजा हो रही है. सावंतगढ़ से 3 किलोमीटर दूर स्थित मांगी बाई के मंदिर पर अक्सर भक्त नारियल लेकर पहुंचते हैं.
मांगी बाई का मंदिर
हाइलाइट्स
- नागौर के सावंतगढ़ में मांगी बाई का भव्य मंदिर है.
- मस्सा और त्वचा रोग के मरीज मंदिर में आते हैं.
- सात दिन में रोग ठीक होने का विश्वास है.
नागौर:- एक साधारण इंसान ईश्वरीय गुण धारण करके चमत्कारिक रूप से लोक देवी या लोक देवता भी बन जाते हैं. नागौर क्षेत्र के सावंतगढ़ के पास लोक देवी मांगी बाई का एक भव्य और विशाल मंदिर बना है. यहां कई वर्षों से मांगी बाई की लोक देवी के रूप में पूजा हो रही है. सावंतगढ़ से 3 किलोमीटर दूर स्थित मांगी बाई के मंदिर पर अक्सर भक्त नारियल लेकर पहुंचते हैं.
मंदिर के गर्भ में मांगी बाई की सुंदर मूर्ति बनी है व दक्षिण भाग में बरामदामय भवन बने हैं. यहां भजन कीर्तन होते हैं. भक्त रामकिशोर Bharat.one को बताते हैं कि यह सालों से मांगी भाई की पूजा होती रही है. यहां किसान बड़ी संख्या में आते हैं. यहां भक्त मांगी बाई को लोक देवी के रूप में पूजा करते हैं.
कैसे बनी एक महिला लोक देवी ?
35 वर्षीय मांगी बाई अपने पति के साथ सांवतगढ गांव की ढाणी में खेती करके गुजारा कर रही थी. एक दिन अचानक उसके पति की मौत हो गई. पति की मौत से उसे गहरा सदमा लगा और उसने भी प्राण त्याग दिए. मांगी बाई अक़्सर भगवान की भक्ति भी कराती थी. मौत के बाद जब लोगों को पता चला, तो मांगी बाई का एक मंदिर बना दिया और आज भी मांगी बाई की लोक देवी के रूप में पूजा कर रहे हैं.
मस्सा और त्वचा के रोग होते हैं ठीक
चमत्कारिक लोक देवी भक्ति रामकिशोर Bharat.one को बताते हैं कि होली के तीसरे दिन यहां बड़ा मेला लगता है, जहां दूर-दराज से भक्त पहुंचते हैं. मेले में मस्सा और त्वचा रोग के मरीज बड़ी संख्या में आते हैं और ऐसा कहा जाता है कि लगातार सात दिन माता के मंदिर जाकर मन्नत मांगने से मस्सा और त्वचा के रोगी ठीक हो जाते हैं. यह बीमारियों से पीड़ित मरीज अपने परिजनों के साथ आते हैं. भक्तों के अनुसार, मंदिर में आने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है.
Nagaur,Rajasthan
February 18, 2025, 16:53 IST
भक्ति, आस्था और चमत्कार; कैसे मांगी बाई बनीं लोक देवी, सुनिए भक्तों की जुबानी
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