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मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट स्थित आरोग्य मंदिर जो वैदिक चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध है. जहां हर बृहस्पतिवार को निशुल्क लोगों का इलाज किया जाता हैं. यहां गंभीर से गंभीर बीमारी को बिना दवा सिर्फ नस दबा कर ठीक कर दिया जा…और पढ़ें
मरीज को उपचार करते वैदिक चिकित्सक
मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट स्थित आरोग्य मंदिर जो वैदिक चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध है. जहां हर बृहस्पतिवार को निशुल्क लोगों का इलाज किया जाता हैं. यहां गंभीर से गंभीर बीमारी को बिना दवा सिर्फ नस दबा कर ठीक कर दिया जाता है. यहां दूसरे राज्यों से भी लोग अपने बीमारियों से निजात पाने के लिए आते है.
यहां दमा, कब्जियत, मधुमेह, कोलाइटिस, अल्सर, अम्ल पित्त, ब्लड प्रेशर, अर्थराइटिस, एग्जिमा, थायराइड, मोटापा और एलर्जी जैसी बीमारियां शामिल हैं. तनाव, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, घबराहट, जोड़ों के दर्द और चर्म रोगों के इलाज में भी यहां सफलता मिलती है। इसकी स्थापना विपिन कुमार पाठक ने की थी। उनका लक्ष्य था लोगों को स्वास्थ्य करना.
मंदिर में होता है वैदिक उपचार
विपिन पाठक बताते है कि वे पिछले 9 साल से मुजफ्फरपुर में वैदिक चिकित्सक के रूप में कार्य कर रहे है. समाज सेवा अच्छा लगता है इसलिए अलग अलग जगहों पर निःशुल्क शिविर लगा कर लोगों का इलाज करते है. यहां बिना दवा का इलाज होता है. वे बताते है कि यहां असाध्य से साध्य बीमारियों का इलाज होता है बिना दवा के। अक्सर ज्यादातर लोग खान पान और दूषित वातावरण के कारण बीमार हो जाते है जो हमारे पाचन क्रिया को प्रभावित करती है. जिसके कारण लोगों को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए इस उपचार न्यूरोथैरेपी द्वारा सबसे पहले लोगों के पाचन क्रिया को सही किया जाता है. वो सही से काम कर पाए जैसे ही पाचन तंत्र सही हो जाता है. वैसे ही आधी बीमारी सही हो जाती है शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधकता क्षमता बढ़ती है. शरीर को उचित मात्रा में ऊर्जा और पोषक तत्व मिलती है.
दवाइयों का नहीं होता है उपयोग
विपिन पाठक कहते हैं कि वैदिक चिकित्सा एक प्राचीन और पारंपरिक उपचार पद्धति है. इसमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर ध्यान दिया जाता है. यह प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार पद्धति है। यह शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को बढ़ावा देती है. इससे विभिन्न प्रकार के रोगों के इलाज में रोगियों को लाभ मिलता है. विपिन पाठक के अनुसार, वैदिक चिकित्सा में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें दवाइयों का उपयोग नहीं होता. बल्कि, शरीर की ऊर्जा को संतुलित करके रोगों को ठीक किया जाता है.







