समाधि स्थल समिति के लखन चौधरी ने बताया कि संत बोंदरू बाबा ने विक्रम संवत 1790 में केवल 25 वर्ष की आयु में जीवित समाधि ली थी. करीब 300 साल पहले श्रद्धालुओ ने बाबा का मंदिर बनवाया है. यहीं से शुरू हुआ संतान मेला जो आज भी जारी है.


समाधि स्थल समिति के लखन चौधरी ने बताया कि संत बोंदरू बाबा ने विक्रम संवत 1790 में केवल 25 वर्ष की आयु में जीवित समाधि ली थी. करीब 300 साल पहले श्रद्धालुओ ने बाबा का मंदिर बनवाया है. यहीं से शुरू हुआ संतान मेला जो आज भी जारी है.