Friday, February 27, 2026
27.9 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Finance

Marketing

Politics

Strategy

Finance

Marketing

Politics

Strategy

मां काली के इस मंदिर में भक्तों की मुरादें होती हैं पूरी, दर्शन मात्र से भूत-प्रेत और ऊपरी बाधाओं से मिलती है मुक्ति


Last Updated:

Bareilly News: हर साल नवरात्रों के दौरान मंदिर परिसर में एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. वैसे तो मंदिर में पूरे साल भीड़ रहती है, लेकिन नवरात्रों के दौरान भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं.

बरेली: नवरात्र शुरू होते ही बरेली के कालीबाड़ी स्थित मां काली देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है. यह मंदिर लगभग 200 साल पुराना और चमत्कारी माना जाता है. भक्तों का मानना है कि मां काली सच्चे दिल से मांगी गई हर मुराद पूरी करती हैं. मन्नत पूरी होने पर भक्त यहां कच्चा धागा बांधते हैं और मुराद पूरी होने के बाद उस गांठ को खोलने आते हैं.

ऊपरी बाधाओं से मिलती है मुक्ति

माना जाता है कि जो भक्त नकारात्मक ऊर्जा या ऊपरी बाधाओं से पीड़ित होते हैं, उन्हें मां के दर्शन मात्र से ही राहत और मानसिक शांति मिलती है. भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि मां के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने से सभी बिगड़े हुए काम बन जाते हैं. हर साल नवरात्रों के दौरान मंदिर परिसर में एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं.

नवरात्रों में लगती है भक्तों की भीड़

वैसे तो मंदिर में पूरे साल भीड़ रहती है, लेकिन नवरात्रों के दौरान भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं. खासकर महाष्टमी के दिन भारी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन करने आते हैं. मां काली मंदिर के प्रमुख महंत ने Bharat.one से खास बातचीत करते हुए बताया कि यह 200 साल पुराना मंदिर कई मान्यताओं और चमत्कारों से भरा हुआ है. मां काली के इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी मन्नतें लेकर आता है, मां काली उसकी हर मुराद पूरी करती हैं.

इसके अतिरिक्त, यदि किसी व्यक्ति पर ऊपरी हवा का साया होता है, तो यहां के दर्शन मात्र से उसकी यह समस्या भी दूर हो जाती है. इस मंदिर में सालभर में नौ दिन विशेष पूजन होता है, जिसमें भक्त लंबी कतारों में खड़े रहकर मां काली के दर्शन करते हैं.

दूर-दराज से आते हैं भक्त
यह मंदिर सिर्फ बरेली के लोगों की आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि दूर-दराज के शहरों और आस-पास के क्षेत्रों से भी भक्त यहां मां काली का आशीर्वाद लेने आते हैं. विशेषकर नवरात्रों में बाहरी भक्तों की संख्या में काफी वृद्धि होती है. मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों का कहना है कि अक्टूबर में लगता है मेला और मां काली की पूजा विशेष रूप से हर शनिवार को होती है. वे कई सालों से यहां आ रहे हैं और मां काली के दर्शन मात्र से ही उनकी सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है.
सच्चे दिल से मांगी गई मुरादें होती हैं पूरी

भक्तों का यह भी मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सच्चे दिल से मां काली के चरणों में अपनी अर्जी लगाता है, तो मां उसकी मनोकामना जरूर पूरी करती हैं. इसके अलावा, जिन व्यक्तियों को भूत-प्रेत या ऊपरी हवा की समस्या होती है, उन्हें मां काली के आशीर्वाद से राहत मिलती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homedharm

मां काली के इस मंदिर में मुरादें होती हैं पूरी, ऊपरी बाधाओं से मिलती है मुक्ति

Hot this week

कब्ज के कारण और प्राकृतिक उपाय जानें, पेट साफ रखने के लिए जरूरी टिप्स.

कब्ज आजकल की लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम...

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...

Topics

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...
Exit mobile version