हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन भी किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आये थे. जिसका प्रमाण भीम के विशाल पदचिन्ह हैं.


हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन भी किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आये थे. जिसका प्रमाण भीम के विशाल पदचिन्ह हैं.