हैदराबाद: हैदराबाद शहर के जुबली हिल्स पर एक अनोखा मंदिर स्थित है. यह मंदिर करीब 150 साल पुराना है. लोग शक्ति का प्रतीक मानते हैं. इसकी वास्तुकला की सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण यहां लोग दूर-दूर से पूजा पाठ करने के लिए आते हैं. एक और वजह से मंदिर बहुत खास है. दरअसल, इस मंदिर में लोग नारियल नहीं चढ़ाते. बल्कि देवी को खुश करने के लिए नारियल का पानी का चढ़ाया जाता है.
पेद्दम्मा थल्ली मंदिर के नाम की कहानी
‘पेद्दाम्मा’ शब्द की उत्पत्ति तेलुगु से हुई है. जो पेद्दा और अम्मा को मिलाकर बना है. इसका अर्थ है ‘माताओं की माँ.’ जो थल्ली मां को दर्शाता है. इसलिए पेद्दम्मा थल्ली का वही अर्थ है, जो देवी को परम मातृ स्वरूप के रूप में दिखाता है. पेद्दम्मा थल्ली को श्री गौरम्मा और श्री अम्मावरु भी कहा जाता है.
पेद्दम्मा थल्ली मंदिर का अनोखा चढ़ावा
पेद्दम्मा थल्ली मंदिर की एक अनोखी परंपरा में भक्त देवी को केवल नारियल चढ़ाते हैं. भक्तो के अनुसार देवी एक राक्षस को मारने के बाद इस स्थान पर अपनी प्यास बुझाने आई थीं, यही वजह भक्त माता को नारियल पानी चढ़ाते हैं. एक और अजीब रिवाज है कि सिक्कों को एक निर्दिष्ट स्थान पर लंबवत रखा जाता है और मन्नत मांगी जाती है. यह विश्वास करते हुए कि इससे उन्हें वास्तविक इच्छाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक आशीर्वाद मिलेगा.
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पेद्दम्मा थल्ली मंदिर कैसे पहुंचे
यह मंदिर सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. बस और ऑटो से यहां आप आसानी से पहुंच सकते हैं. वहीं, माधोपुर मेट्रो स्टेशन से 3 किलोमीटर की दूरी है. सोमवार से शनिवार सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक, शाम 3 बजे से 8 बजे तक दर्शन का समय होता है. रविवार को सुबह 6 बजे से शाम 8:30 बजे तक लोग यहां दर्शन कर सकते हैं.
FIRST PUBLISHED : September 13, 2024, 10:55 IST
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