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Makar Sankranti 2025: पंडित पवन कुमार ने बताया कि जब सूर्य एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करता है, तो इसे संक्रांति कहते हैं. जब सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है.
अजमेर. मकर संक्रांति पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं. इसे शुभ समय का प्रतीक भी माना जाता है. इस अवसर पर पवित्र नदियों सरोवर और तीर्थ स्थानों पर स्नान और दान का विशेष महत्व होता है.
पंडित पवन कुमार ने Bharat.one को बताया कि मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिसे देवताओं का दिन माना जाता है. इस दौरान किए गए कर्म विशेष फलदायक होते हैं. इस दिन पुष्कर सरोवर में स्नान करने से बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है और इस दिन पुष्कर में स्नान दान और पूजा करने से ईश्वर की कृपा पाने का अद्भुत अवसर प्रदान करता है. इस दिन पुष्कर सरोवर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करते हैं.
सूर्यदेव बदलते हैं राशि
पंडित पवन कुमार ने बताया कि जब सूर्य एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करता है, तो इसे संक्रांति कहते हैं. जब सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है. पंचांग के मुताबिक, इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इस दिन मंगलवार पड़ रहा है. इस दिन भगवान सूर्य का सुबह 9 बजे मकर राशि पर प्रवेश होगा.
2024 में 15 जनवरी को मनाया गया था मकर संक्रांति पर्व
2024 पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया गया था, लेकिन इस बार 14 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा. इसके अलावा साल 2019 में भी मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई गई थी. ऐसी सूर्य की राशि परिवर्तन रात्रि में होने के कारण होती है. अब 2025 और 2026 में भी 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. पंडित पवन कुमार ने Bharat.one को बताया कि मकर संक्रांति का पर्व हिंदू धर्म के लिए विशेष महत्व वाला होता है. हिंदू धर्म के अनुसार, ये त्योहार अंग्रेजी साल के नए वर्ष का पहला हिंदू त्योहार माना जाता है.
Ajmer,Ajmer,Rajasthan
January 13, 2025, 15:58 IST
शुभ समय का प्रतीक है मकर संक्रांति, इस दिन हजारों श्रद्धालु पुष्कर में लगाते ह







