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संकल्प हुआ पूराः 5000 लोग पहुंचे अयोध्या, सरयू के किनारे कर रहे ज्ञानेश्वरी पारायण, जानें वजह


अयोध्या: प्रभु राम के प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर लगातार जारी है. यह अनुष्ठान अयोध्या में इस वजह से किया जा रहा है क्योंकि देश के भक्त और संत-महंतों ने रामनगरी में प्रभु राम के विराजमान होने को लेकर संकल्प लिया था. अब मंदिर बन गया है, तो उस संकल्प को पूरा करने के लिए लोग धर्मनगरी अयोध्या पहुंच रहे हैं और अपने संकल्प को पूरा भी कर रहे हैं.

वारकरी समुदाय के लोग पहुंचे रामनगरी
इसी कड़ी में राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से आये वारकरी समुदाय से जुड़े 4000 से 5000 लोगों ने अयोध्या में ज्ञानेश्वरी का पारायण किया.

राष्ट्रीय भगवत धर्म परिषद के अध्यक्ष बोले
राष्ट्रीय भगवत धर्म परिषद की मध्य प्रदेश के अध्यक्ष नारायण महाराज शिंदे ने बताया कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में वारकरी समाज के लोग पहुंचे हैं. यहां सभी का एक ही उद्देश्य है कि जो हमारे पूर्वज हैं. उन्हें बैकुंठ वासी पूर्वज माधव जी महाराज ने संकल्प कराया था.

ज्ञानेश्वरी ग्रंथ का पाठ कर रहे श्रद्धालु
ऐसे में बड़ी संख्या में वारकरी समुदाय के लोगों के साथ सरयू का जल हाथ में लेकर जब रामलला नए मंदिर में विराजमान हो जाएंगे तो यहां आकर संत संत ज्ञानेश्वर महाराज जी की ज्ञानेश्वरी का पारायण का आयोजन करेंगे. अब बड़े ही खुशी की बात है कि 22 जनवरी को रामलाल अपने गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं.  इसलिए आज कई राज्यों से पुरुष और महिलाएं यहां पर आकर पूर्ण आहुति के रूप में ज्ञानेश्वरी ग्रंथ का पाठ कर रहे हैं.

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सदस्य नारायण दास शिंदे ने बताया कि अयोध्या में ज्ञानेश्वरी का पारायण हो रहा है. महाराष्ट्र में यह पूजा सप्ताह में किया जाता है. हम लोग अयोध्या में इस उद्देश्य से पारायण कर रहे हैं. जब राम मंदिर का ढांचा विध्वंस हुआ था, तो उस दौरान हमारे गुरु ने एक संकल्प लिया था कि जब मंदिर बन जाएगा मंदिर बनने के बाद अयोध्या में ज्ञानेश्वरी का पारायण कराया जाएगा.

7 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम
इस संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग आज 4000 से 5000 लोग महाराष्ट्र से अयोध्या आकर ज्ञानेश्वरी यज्ञ में पारायण कर रहे हैं. इस कार्यक्रम में ज्ञानेश्वरी पारायण होगा. भजन कीर्तन होंगे. अब मंदिर बन गया है. हमारा संकल्प पूरा हुआ एक सप्ताह तक यह कार्यक्रम अयोध्या में चलेगा. उसके बाद हम लोग दर्शन करेंगे फिर अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे.

1990 में हुआ था भव्य आयोजन
नारायण शिंदे ने बताया कि हमारे कार्यक्रम की परिकल्पना माधव जी महाराज मगन ने बाबरी विध्वंस के दौरान एक संकल्प लिया था. उन्होंने एक संकल्पना की थी कि जिस दिन प्रभु राम मंदिर में विराजमान होंगे. ऐसा आयोजन करेंगे.  साल 1990 में ऐसा ही एक बहुत बड़ा दिव्य आयोजन उन्होंने किया था.

मंदिर बनने की खुशी में कर रहे पाठ
नारायण शिंदे ने बताया कि उस दौरान हमारे गुरुदेव ने हाथ में जल लेकर संकल्प लिया था कि जिस दिन बाबरी विध्वंस होगा और मंदिर बनेगा. उस दिन हम अयोध्या में इस तरह का कार्यक्रम करेंगे. अब हमारे गुरुदेव का संकल्प का पूरा हुआ और आज हम लोग 4000 से 5000 की संख्या में महाराष्ट्र से आकर ज्ञानेश्वरी पारायण कर रहे हैं. जहां मंदिर बनने की इस खुशी में हम लोग यहां पर पारायण कर रहे हैं.

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