Sultanpur News: मंदिर के पुजारी श्री राम सिंगार गिरी ने Bharat.one से कहा कि यहां पर पहले बहुत घना जंगल था. यह मंदिर त्रेता युग का है. जब भगवान राम ने सुल्तानपुर के दोपहर स्थित गोमती नदी में स्नान किया था. उसके बाद पूजा पाठ कर भगवान भोलेनाथ को ऊपर ले आए.
