Agency:Bharat.one Jharkhand
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पलामू जिले के रजहरा गांव में सैकड़ों वर्ष पुराना शिवालय है.जिसे झरना शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है.झरना शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ प्राकट्य रूप में विराजमान है.साथ हीं भोलेनाथ के अर्घ्य से जल की धारा निकलते…और पढ़ें
झरना शिव मंदिर
हाइलाइट्स
- पलामू के रजहरा गांव में 200 वर्ष पुराना झरना शिव मंदिर है.
- भोलेनाथ के अर्घ्य से जलधारा निरंतर बहती रहती है.
- शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु मेले में शामिल होते हैं.
पलामू. जहां आस्था की बात होती है वहां पौराणिक मान्यताएं और कथाएं उभर कर आते हैं. शिवरात्रि का महापर्व नजदीक आ रहा है. ऐसे में शिव भक्त शिवालयों में पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं. इस अवसर पर बड़े धूम धाम से शिवरात्रि मनाया जाता है. पलामू जिले के अनेकों शिव स्थल पर मेले का आयोजन होता है. जिसमें से एक है झरना शिव मंदिर. यह अपने आप में बहुत विशेष है.
दरअसल, पलामू जिले के रजहरा गांव में सैकड़ों वर्ष पुराना शिवालय है. इसे झरना शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है. झरना शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ प्राकट्य रूप में विराजमान हैं. साथ ही भोलेनाथ के अर्घ्य से जल की धारा निकलती रहती है. यहां आने वाले हर श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होती है.
बिना रुके निकलती रहती है जलधारा
स्थानीय निवासी राहुल पांडे ने लोकल18 को बताया कि यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना है. लोग बताते हैं कि यहां खुदाई करने के बाद शिवलिंग निकला था. जिसके बाद इसे मंदिर के रूप में विकसित किया गया. वहीं भोलानाथ के जटा से जल की धारा निकलती है. ये सालों भर अनवरत निकलता रहता है. जिस कारण इस मंदिर का नाम झरना शिव मंदिर रखा गया है.
स्वप्न में आए थे भगवान भोलेनाथ
स्थानीय निवासी ब्रजकिशोर पांडे ने लोकल18 को बताया की झरना शिव मंदिर की कहानी रोचक और ऐतिहासिक है. जहां 200 वर्ष पहले स्थानीय निवासी द्वारिका नूनिया के पूर्वज के स्वप्न में भगवान भोलेनाथ आए थे. इस स्थान में मौजूद होने की जानकारी दिए. जिसके बाद खुदाई करने पर शिवलिंग के साथ एक मटका भी मिला. जिसमें चांदी के सिक्के और पैसे मिले. जिसकी जानकारी ग्रामीणों को दी गई. तब उसी पैसे से मंदिर का निर्माण कराया गया. तबसे यहां पूजा अर्चना के साथ मेले का आयोजन होता आ रहा है.
औषधीय गुणों से भरपूर है जल
विकास पांडेय ने लोकल18 को बताया कि भगवान भोलेनाथ की जटा से निकलने वाला जल औषधीय गुणों से भरपूर है. इस जल से स्नान करने वाले लोगों को कभी चर्म रोग नहीं होता है. इसके साथ जो बच्चे बोलते नहीं हैं. उन्हें अगर यह जल पिला दिया जाए तो बच्चे बोलने लग जाते हैं. ये यहां का अनोखा गुण है. जहां नहीं बोलने वाले बच्चे बोलने लग जाते हैं.
शिवरात्रि पर लगता है मेला
मेला समिति के अध्यक्ष आशीष पांडे ने कहा कि शिवरात्रि पर खास मेले का आयोजन होता है. जिसमें लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है. मेले को लेकर खास तैयारी शुरू हो चुकी है. जिसके लिए ग्रामीणों के सहयोग से जीर्णोद्वार का काम चल रहा है. शिवरात्रि पर तरह तरह के झूले लगाए जाते हैं. इसके साथ मीना बाजार लगता है. लोग पूजा अर्चना के बाद मेले का आनंद लेते हैं.
ऐसे पहुंचे यहां
झरना शिव मंदिर रजहरा ग्राम में स्थित है. जहां आप ट्रेन, बस और ऑटो से पहुंच सकते हैं. ट्रेन से अगर आप यहां आना चाहते हैं तो सबसे नजदीक स्टेशन रजहरा रेलवे स्टेशन है. जहां से ऑटो से आप मंदिर तक पहुंच सकते हैं. वहीं डाल्टनगंज से अगर आप यहां आना चाहते हैं तो बस, ऑटो और निजी वाहन से पहुंच सकते हैं. डाल्टनगंज रजहरा रेहला सड़क मार्ग से 20 किलोमीटर दूर यात्रा कर आप यहां पहुंच सकते हैं. जहां झरना नदी के तट पर स्थित मंदिर पर पहुंच सकते हैं.
Palamu,Jharkhand
February 19, 2025, 14:27 IST
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