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हनुमान जी की अमरता का रहस्य: पांच स्थान जहां आज भी होते हैं हनुमान.


हिंदू धर्म में जिन भगवानों को माना जाता है, उसमें केवल हनुमान जी के बारे में कहा जाता है कि वह अब भी धरती पर मौजूद हैं. वह अजर अमर हैं. आखिर क्यों हनुमान आज भी धरती पर मौजूद हैं, इसके पीछे भी एक कहानी कही जाती है. हालांकि ये माना जाता है कि वह पांच खास जगहों पर रहते हैं.

रामायण में वर्णन है कि जब श्रीराम ने धरती से विदा ली, तब उन्होंने हनुमान जी को यह वरदान दिया कि जब तक धरती पर रामकथा का यश गाया जाता रहेगा, तब तक वे पृथ्वी पर जीवित रहेंगे. यही कारण है कि वह अमर माने जाते हैं.

हनुमान जी को वरदान मिला हुआ है कि वे अपनी इच्छा से ही मृत्यु को वरण करेंगे. इसका अर्थ है कि वे अमर हैं, जब तक वह खुद ही नहीं चाहें तब तक उनकी मृत्यु नहीं हो सकती. कई लोग मानते हैं कि वे आज भी जीवित हैं और कहीं न कहीं सेवा में लीन हैं. महाभारत, स्कंद पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण आदि ग्रंथों में भी हनुमान जी के अजर-अमर होने की बात कही गई है.

क्यों हनुमान आज भी धरती पर मौजूदा
क्या है हनुमान जी की अमरता से जुड़ी वो कहानी, जो रामायण के बाद की घटनाओं से संबंधित है.

श्रीराम जब अपना धरती पर अवतार समाप्त कर रहे थे, तब सभी देवता, ऋषि-मुनि और भक्तजन उनके अंतिम दर्शन के लिए आए. भगवान विष्णु के अवतार के रूप में राम ने अपना काम पूरा कर लिया था. अब उन्हें बैकुंठ जाना था.

जब हनुमान जी को पता लगा कि भगवान राम अब धरती को छोड़कर जा रहे हैं तो वह दुखी हो गए. उनसे मिलने गए. (Bharat.one AI)

तब हनुमान दुखी हो गए
हनुमान जी को जब ये मालूम हुआ कि प्रभु श्रीराम अब धरती छोड़कर जा रहे हैं, तो उनका दुखी हो गये. दौड़कर श्रीराम के पास आए बोले,
“प्रभु! जब आप इस लोक को छोड़ देंगे, तब मैं किसके लिए जीऊंगा? मेरे लिए तो आप ही सब कुछ हैं.”

फिर हनुमान को मिला अमरता का वरदान
श्रीराम मुस्कराए और हनुमान जी को प्रेम से देखते हुए बोले, “हे अंजनीपुत्र! तुम्हारा प्रेम और भक्ति अनंत है. मैं तुम्हें यह वरदान देता हूँ कि जब तक इस धरती पर मेरे नाम का स्मरण होता रहेगा, जब तक रामकथा गाई जाती रहेगी, तब तक तुम इस पृथ्वी पर जीवित रहोगे. तुम अजर और अमर रहोगे. तुम मेरे भक्तों की रक्षा करते रहोगे, जो तुम्हारा नाम लेकर मेरी आराधना करेगा, उस पर मेरी कृपा हमेशा रहेगी.”

वो जगहें जहां आज भी होते हैं हनुमान
और उस दिन के बाद से हनुमान आज भी जीवित हैं. हर उस स्थान पर मौजूद रहते हैं, जहां रामकथा, रामनाम या सच्ची भक्ति होती है. जिन पांच जगहों पर हनुमान जी खास तौर पर होने की बात कही जाती है, वो ये हैं-

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गंधमादन पर्वत हिमालय क्षेत्र में बद्रीनाथ और मानसरोवर के बीच कहीं स्थित है. यहां पहुंचना बहुत मुश्किल है. कहा जाता है कि हनुमान जी यहीं सशरीर भक्ति में लीन रहते हैं. (Bharat.one AI)

1. गंधमादन पर्वत (हिमालय क्षेत्र)
– कहा जाता है कि हनुमान जी आज भी गंधमादन पर्वत पर तपस्या में लीन हैं.
– यह स्थान बहुत ही रहस्यमय और कठिनाई से पहुंचा जा सकता है.
– इस जगह का उल्लेख रामायण, महाभारत और कई पुराणों में आता है. इसे हनुमान जी की उपस्थिति और तपस्या से जोड़ा जाता है.
– कुछ विद्वान और संत मानते हैं कि गंधमादन पर्वत हिमालय में बद्रीनाथ और मानसरोवर के बीच है.
– यह क्षेत्र तिब्बत सीमा के पास पड़ता है. काफी दुर्गम है.
– बद्रीनाथ से आगे जो माणा गांव है (भारत का अंतिम गांव), वहां से आगे का क्षेत्र ही गंधमादन क्षेत्र माना जाता है.
– आज भी माणा गांव के लोग मानते हैं कि वहां हनुमान जी अदृश्य रूप में रहते हैं.
– वहां एक जगह है भीम पुल, जो कहा जाता है कि पांडवों के स्वर्गारोहण के समय बनाया गया था, यह गंधमादन की ओर जाता है.

2. रामेश्वरम (तमिलनाडु)
– ये जगह श्रीराम की प्रिय जगह मानी जाती थी, कहते हैं कि यहां हनुमान जी अक्सर गुप्त रूप में उपस्थित रहते हैं.

3. चित्रकूट (यूपी)
4 हिमालय
5 बद्रीनाथ और काशी जैसे तीर्थ स्थानों में
– माना जाता है कि ये स्थान हनुमान जी की गुप्त यात्राओं के केंद्र होते हैं.

क्या हनुमान जी ने किसी को दर्शन दिए
गोसाईं तुलसीदास जी
– तुलसीदास जी को हनुमान जी ने कई बार दर्शन दिए थे.
– एक बार उन्होंने बनारस में रामनाम जपते हुए तुलसीदास से बात की.

स्वामी रामदास (छत्रपति शिवाजी के गुरु)
– उन्हें भी हनुमान जी ने दर्शन दिए और शिवाजी के राष्ट्रनिर्माण में मार्गदर्शन किया.

रामानुजाचार्य, श्रीराघवेंद्रस्वामी और कई अन्य संतों को अपने जीवन में हनुमान जी के मिलने की बात कही जाती है. कुछ साधु-संतों और योगियों ने दावा किया है कि उन्हें किसी गुफा, जंगल या तीर्थ पर एक तेजस्वी, बलवान, साधु रूपी व्यक्ति मिले. जो बाद में गायब हो गए. इन घटनाओं को हनुमान जी का गुप्त दर्शन माना गया.

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