
हिंदू धर्म में हनुमान जी को कलयुग का देवता कहा गया है.मंगलवार का दिन हनुमान जी की भक्ति के लिए सबसे शुभ माना जाता है.
Parikrama of Lord Hanuman : हिंदू धर्म में हनुमान जी को कलयुग का देवता कहा गया है और धर्म शास्त्रों के अनुसार वे अमर है और चिरंजीवी होने के चलते वे इस धरती पर किसी ना किसी रूप में अपने भक्तों की सहायता करते हैं. मंगलवार का दिन हनुमान जी की भक्ति के लिए सबसे शुभ माना जाता है. इस दिन कई भक्त व्रत रखते हैं और कई भक्त प्रसाद चढ़ाने के साथ ही मंदिर जाकर भजन-कीर्तन करते हैं.
पूजा के बाद आपने किसी भी मंदिर में वहां विराजमान मूर्ति की परिक्रमा अवश्य की होगी. वहीं हनुमान जी की परिक्रमा भी उनके भक्त करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे पापों से मुक्ति मिलती है और हमें शुभाशीष मिलता है. लेकिन परिक्रमा की संख्या कितनी होना चाहिए? आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिष आचार्य पंडित योगेश चौरे से.
परिक्रमा लगाने का क्या है महत्व?
पंडित जी के अनुसार, हनुमान जी की परिक्रमा करने से आपकी सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है, ऐसे में उनकी परिक्रमा से आपको संकटों से मुक्ति मिलती है. साथ ही आपके साहस में वृद्धि होती है.
कितनी बार करें हनुमान जी की परिक्रमा
आप जब भी हनुमान जी की प्रतिमा की परिक्रमा करें तो संकटमोचन हनुमान मंत्र का जाप जरूर करें. इस परिक्रमा के बाद आप हनुमान चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं. बात करें परिक्रमा की संख्या की तो हनुमान जी की तीन बार की गई परिक्रमा को सबसे शुभ माना गया है.
परिक्रमा करने के बाद क्या करें?
आप जब भी हनुमान जी के मंदिर जाते हैं और पूजा के बाद उनकी परिक्रमा करते हैं तो आपको इसके बाद प्रभु श्रीराम की स्तुति जरूर करना चाहिए. क्योंकि, हनुमानजी भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त हैं और इससे वे सबसे ज्यादा खुश होते हैं. इसके अलावा आपको हनुमान जी के चरणों में 07 पीपल के पत्ते चढ़ाना चाहिए. इससे उत्तम फलों की प्राप्ति होती है.
FIRST PUBLISHED : December 6, 2024, 12:40 IST






