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1400 साल से नहीं बल्कि जब से धरती पर हैं इंसान तब से इस्लाम, मौलाना इफराहीम ने बताए इस्लाम धर्म के सिद्धांत


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Aligarh news: इस्लाम किसी एक दौर या समय में पैदा हुआ मजहब नहीं है, बल्कि यह उतना ही पुराना है जितनी पुरानी स्वयं इंसानी ज़िंदगी है. उन्होंने कहा कि इस्लामी मान्यता के अनुसार जब अल्लाह तआला ने दुनिया को कायम किया और पहले इंसान हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को पैदा किया, उसी समय से इस्लाम की शुरुआत हुई.

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अलीगढ़: अक्सर यह सवाल उठता है कि इस्लाम की शुरुआत आखिर कब हुई और क्या यह धर्म केवल 1400 साल पुराना है. दरअसल समाज में फैली इस सोच के पीछे अधूरी जानकारी और गलतफहमियाँ भी शामिल हैं. मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना इफराहीम का कहना है कि इस्लामी शिक्षाओं के मुताबिक इस्लाम किसी एक दौर में पैदा हुआ मजहब नहीं, बल्कि यह उस दिन से मौजूद है जब इंसानियत की शुरुआत हुई.

इस्लाम किसी एक दौर या समय में पैदा हुआ मजहब नहीं है, बल्कि यह उतना ही पुराना है जितनी पुरानी स्वयं इंसानी ज़िंदगी है. उन्होंने कहा कि इस्लामी मान्यता के अनुसार जब अल्लाह तआला ने दुनिया को कायम किया और पहले इंसान हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को पैदा किया, उसी समय से इस्लाम की शुरुआत हुई. हज़रत आदम अलैहिस्सलाम न सिर्फ पहले इंसान थे, बल्कि पहले नबी और पहले मुसलमान भी थे.

जब से इंसान तब से है इस्लाम

मौलाना ने कहा कि मुसलमान होने का अर्थ है. अल्लाह के सामने पूरी तरह समर्पण करना और उसके आदेशों का पालन करना. इस मायने में हज़रत आदम अलैहिस्सलाम और उनके बाद आने वाले सभी नबी इस्लाम पर ही थे. कुरआन पाक में यह बात स्पष्ट रूप से बताई गई है कि दुनिया में जब से इंसानी सिलसिला शुरू हुआ, तब से लेकर हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक अल्लाह तआला ने बहुत पैगंबर भेजे. इस्लामी परंपरा के अनुसार नबियों की संख्या लगभग एक लाख चौबीस हज़ार बताई जाती है. ये सभी नबी एक ही संदेश लेकर आए. अल्लाह की इबादत करना, उसी की इताअत करना और इंसानियत को सही रास्ता दिखाना. यही इस्लाम का मूल संदेश है.

मौलाना ने बताए इस्लाम के सिद्धांत

मौलाना ने बताया कि 1400 साल पहले की बात दरअसल इस मायने में कही जाती है कि उस समय हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को आख़िरी नबी के रूप में भेजा गया और आप सल्लल्लाहो वाले वसल्लम पर कुरआन पाक नाज़िल हुआ. इसी के साथ दीन-ए-इस्लाम को मुकम्मल कर दिया गया. यानी शरीअत और इस्लामी क़ानूनों की पूर्ण और अंतिम शक्ल उस दौर में सामने आई, लेकिन इस्लाम का मूल सिद्धांत अल्लाह की बंदगी और उसके हुक्मों पर चलना पहले दिन से ही मौजूद था. इसलिए यह कहना कि इस्लाम केवल 1400 साल पुराना मजहब है, एक गलतफहमी है. हकीकत यह है कि इस्लाम इंसानियत के पहले दिन से चला आ रहा है और हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ज़माने में उसे पूर्ण रूप मिला. यही इस्लाम की वास्तविक और ऐतिहासिक सच्चाई है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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1400 साल से नहीं बल्कि, जब से धरती पर हैं इंसान तब से इस्लाम

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