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Kartik Purnima 2025: छपरा के सोनपुर और रिविलगंज में कार्तिक पूर्णिमा के दिन कई राज्य से श्रद्धालु बड़े पैमाने पर गंगा स्नान करने के लिए पहुंचते हैं. दोनों स्थानों पर लगभग 2 लाख से अधिक श्रद्धालु अभी तक गंगा स्नान कर चुके हैं. दोनों स्थान का धार्मिक इतिहास रहा है. छपरा के रिविलगंज में इस दिन गोदना सेमरिया के नाम से काफी भव्य मेला का भी आयोजन होता है. जहां गौतम ऋषि का आश्रम है, यहीं पर हनुमान जी का ननिहाल भी है. जिस वजह से लोग यहां पर अधिक संख्या में स्नान करने के लिए आते हैं.

गोधन सेमरिया और सोनपुर में होता है मेला का आयोजन

यहां जिले ही नहीं बिहार के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं और यहां दूसरे राज्य से भी श्रद्धालु बड़े पैमाने पर आकर गंगा स्नान करते हैं. वहीं सोनपुर गंगा घाट पर भी देश ही नहीं विदेशी पर्यटक भी स्नान करते हैं. एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला यहां पर लगता है. हाथी घोड़ा पशु पक्षी की बिक्री बड़े पैमाने पर होती है. इसका धार्मिक इतिहास काफी पुराना है. यहीं पर गज ग्राह हुआ था. हाथी जब हारने लगा तो विष्णु भगवान को पुकारा, भगवान ने स्वयं आकर हाथी की जान बचाई, इस समय से यहां पर लोग गंगा स्नान करते हैं और मेले का आयोजन किया जाता है.

उत्तर प्रदेश बोकारो झारखंड मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भी पहुंचते हैं यहां

छपरा के गोदना सेमरिया स्थित नाथ बाबा घाट पर मन्नत पूरी होने के बाद महिलाएं कोसी भरकर पूरी रात गीत मंगल गाते हुए पूजा अर्चना करती हैं. ऐसा माना जाता है कि जब किसी महिला को पुत्र की प्राप्ति नहीं होती है तो अपने नाती पोते के लिए मन्नत मांगती हैं. जब पुत्र प्राप्ति होता है तो यहां पर कोसी भर के महिलाएं पूजा करती हैं. यह मान्यता कई पीढ़ी से चला आ रहा है.

नाथ बाबा घाट पर मन्नत पूरा होने पर लोग कोसी भरकर करता है पूजा

लालसा देवी ने बताया कि मैंने पोते के लिए मन्नत मांगी थी. जो अब पूरी हो चुकी है और उसी को लेकर आज यहां पर पूजा अर्चना कर रही हूं. यहां पर मन्नत मांगने वाले लोगों की मन्नत पूरी होती आई है. यह काफी धार्मिक स्थल है. यहां साक्षात देवी देवताओं का वास है. ऋषि मुनियों का तपो भूमि है. यही वजह है कि जो मन्नत मांगी जाती है वह पूरी होती है. नाथ बाबा सभी पर कृपा करते हैं.

सारण के दोनों स्थलों का है धार्मिक पुराना इतिहास

गोधन सेमरिया और सोनपुर मेला धार्मिक ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित होता है. जहां पूरे साल में स्नान करने के बराबर कार्तिक पूर्णिमा के एक दिन स्नान करना शुभ माना जाता है. यही वजह है कि बड़े पैमाने पर यहां श्रद्धालु दूर-दूर से गंगा स्नान करने के लिए पहुंचते हैं. तीन से चार दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है. खासकर महिला और बुजुर्ग लोग यहां बड़े श्रद्धेय से स्नान करते हैं, और भगवान से सुखमय जीवन के लिए विनती करते हैं.

यहीं पर लोगों के अनुसार अहिल्या तरण की भी बात कही जाती है

रिविलगंज में आज भी हनुमान जी के ननिहाल में गौतम ऋषि का आश्रम मौजूद है. जो खूबसूरत एक मंदिर की तरह नजर आता है. यहां पर श्रद्धालुओं को काफी सुकून मिलता है. कहा जाता है कि जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं, उनकी मनोकामना पूरी होती है. यहां पर एक दो नहीं बल्कि दो दर्जन से अधिक गंगा किनारे पर पुराना मंदिर है. जो पहले ऋषि मुनियों का आश्रम हुआ करता था.

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गंगा स्नान के लिए सोनपुर मेला और गोदना सेमरिया घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़

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