Last Updated:
Chaitra Navratri Kalash Sthapana Vidhi, Muhurat: देवघर के आचार्य ने बताया कि नवरात्रि के कलश की स्थापना हमेशा मुहूर्त और विधि विधान से करना चाहिए. इसी पर पूरे नवरात्रि की पूजा टिकी होती है…
चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना विधि और मुहूर्त.
हाइलाइट्स
- चैत्र नवरात्रि इस बार 8 दिन की होगी
- कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, विधि जानें
- 8 दिन की वजह से क्या बदलेगा विधान?
देवघर: हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व 9 दिन का होता है. इसमें नौ दिन तक मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है. साधक 9 दिन का व्रत भी रखते हैं. लेकिन जब नवरात्रि 8 दिन की हो जाए तो पद्धति में कुछ बदलाव आ जाते हैं. इस बार चैत्र नवरात्रि भी 9 के बजाय 8 दिन की है. पहले दिन ज्यादातर भक्त घर में कलश स्थापना करते हैं. इसके नियम होते हैं. अब सवाल ये उठता है कि 8 की नवरात्रि पर क्या कलश स्थापना के नियम बदलेंगे? जानें…
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने Bharat.one को बताया कि चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है. समापन राम नवमी 6 अप्रैल को होगा. इस साल पंचमी तिथि के छय होने के कारण चैत्र नवरात्रि आठ दिन की रहने वाली है. वहीं, 30 मार्च को ही चैत्र नवरात्रि के कलश की स्थापना की जाएगी. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक है.
जानें कलश स्थापना की विधि, नियम
ज्योतिषाचार्य ने बताया, कलश स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त और विधि विधान के साथ ही करनी चाहिए. इससे घर में सुख समृद्धि बनी रहती और माता दुर्गा की कृपा हमेशा रहती है. कलश स्थापना के दिन पूजा घर को पूरी तरह से या फिर गंगा जल से साफ सुथरा कर लेनी चाहिए. इसके बाद अष्टदल बनाएं और उसी अष्टदल में कलश स्थापना करें.
इस दिशा में रखें कलश
कलश हमेशा तांबा, पीतल या फिर मिट्टी का रखें. उस कलश में रोली को अवश्य लपेटना चाहिए और आम्रपल्लव, पान का पत्ता और नारियल रखें. कलश में स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं. कलश के बगल में दीपक अवश्य जलाएं. ध्यान रहे कलश हमेशा उत्तर या उत्तर पूर्व की दिशा में ही स्थापित करें.
Deoghar,Jharkhand
March 15, 2025, 07:59 IST
8 दिन की चैत्र नवरात्रि, कलश स्थापना पर पड़ेगा असर? पूर्ण फल के लिए जानें नियम
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.







