देवघर: कार्तिक महीने की शुरुआत होने वाली है. इसी महीने में बिहार-झारखंड का सबसे बड़ा लोक आस्था का महापर्व शुरू होने वाला है. छठ पूजा एक ऐसा पर्व है, जो वैदिक काल से चलता आ रहा है. यह पूजा देश के कुछ राज्य जैसे झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश की संस्कृति बन चुकी है. वैसे तो छठ महापर्व पूरे भारत में मनाई जाती है, लेकिन इन राज्यों में धूमधाम ज्यादा होती है. ऐसे में छठ पूजा कब शुरू होगी, ये सवाल बहुत लोगों के मन कौंधने लगा है, तो आइए जानते हैं…
सबसे कठिन व्रत की महिमा
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने Bharat.one को बताया कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से छठ पूजा का आरंभ हो जाता है. यह महापर्व पूरे चार दिन तक चलता है. छठ पूजा में 36 घंटे निर्जला व्रत भी रखा जाता है, इसलिए इस व्रत को सबसे कठिन व्रत भी माना जाता है. यह व्रत माताएं अपने पुत्र की दीर्घायु के लिए रखती हैं. नहाए-खाए के साथ छठ पूजा आरंभ हो जाती है. पहला दिन नहाय खाय, दूसरा दिन खरना और तीसरे दिन ढलते सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया जाता है. वहीं, अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के साथ ही इस महापर्व का समापन हो जाता है.
छठ पूजा 2024 कैलेंडर
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस साल छठ महापर्व की शुरुआत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हो रही है.
05 नवंबर (मंगलवार): नहाया खाय
06 नवंबर (बुधवार): खरना
07 नवंबर (गुरुवार): संध्या अर्घ्य
08 नवंबर (शुक्रवार): उषा अर्घ्य
इस दिन से शुरू होगा निर्जला उपवास
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि छठ महापर्व में कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि से खरना का प्रसाद ग्रहण कर निर्जला उपवास की शुरुआत हो जाती है. इस साल पंचमी तिथि 06 नवंबर को है. इसी दिन से 36 घंटे की निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा.
FIRST PUBLISHED : October 14, 2024, 14:57 IST







