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Churu Chauth Mata Mandir : अखंड सुहाग एवं परिवार की सुख समृद्धि से जुड़ा तिल चौथ का व्रत आज यानि की शुक्रवार को होगा. इस दिन महिलाएं पूरे दिन बिना आहार के रहकर व्रत करेगी. इस दिन महिलाएं तिल के व्यंजनों से चौथ माता व…और पढ़ें
डेढ़ सौ साल पुराना है चौथ माता का यह मंदिर
अजमेर : राजस्थान के अजमेर में ऋषि घाटी पर डेढ़ सौ साल पुराना चौथ माता का मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां मंदिर में माता की गोद में विघ्नहर्ता गणेश जी बाल स्वरूप में विराजित है और माता के दोनों और रिद्धि सिद्धि चंवर कर रही है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि चौथ तिथि पर यहां न केवल अजमेर बल्कि आसपास के शहरों से बड़ी संख्या में महिलाएं पूजन करने पहुंचती है. मान्यता है कि हर चौथ व बुधवार के दिन माता के दर्शन करने से संकट कटते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती है.
मंदिर के पुजारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि चौथ माता का यह मंदिर अजमेर का सबसे प्राचीन व सबसे बड़ा मंदिर है. उनकी छठी पीढ़ी यहां सेवा करती आ रही है. उन्होंने बताया कि में जब से मंदिर में सेवा कर रहा हूं, तब से माता ने सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी की है.
संतान प्राप्ति के लिए चढ़ाया जाता है तिलकुट का प्रसाद
शर्मा ने बताया कि तिल चौथ के दिन जिन महिलाओं को संतान नहीं होती है या फिर किसी तरह की परेशानी होती है तो वह संकट चतुर्थी के नाम से सवा किलो तिलकुट माता के दरबार पर चढ़ाती है . दूर-दूर से महिलाएं यहां पूजन करने आती है .
आज है चौथ का व्रत
शर्मा ने बताया कि अखंड सुहाग एवं परिवार की सुख समृद्धि से जुड़ा तिल चौथ का व्रत शुक्रवार को होगा. इस दिन महिलाएं पूरे दिन बिना आहार के रहकर व्रत करेगी. इस दिन महिलाएं तिल के व्यंजनों से चौथ माता व गणेश जी की पूजा करती है और चौथ माता की कथा कहानी सुनती है. मान्यता है कि इस दिन चौथ माता का व्रत करने से सारे संकट दूर होते हैं. इस व्रत को संकट चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने आगे बताया कि कल सुबह से ही महिलाओं का यहां आना शुरू हो जाएगा.
Ajmer,Rajasthan
January 17, 2025, 14:09 IST
150 साल पुराना है चौथ मां का मंदिर, कई शहरों से पूजा करने के लिए आएंगी महिलाएं
