Friday, February 27, 2026
23.8 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Finance

Marketing

Politics

Strategy

Finance

Marketing

Politics

Strategy

Dhanteras 2024: धनतेरस पर 1 दिया जलाने से खत्म होता है अकाल मृत्यु का खतरा, जानिए इसका महत्व और कथा


पौराणिक कथा के अनुसार, किसी राज्य में हेम नामक राजा था. ईश्वर की कृपा से उन्हें एक पुत्र प्राप्त हुआ. बेटे की कुंडली में लिखा था कि शादी के चार दिन बाद राजकुमार की मृत्यु हो जाएगी. ऐसे में राजा ने उसे ऐसी जगह भेज दिया, जहां किसी लड़की की परछाई भी उस पर न पड़े लेकिन वहां उन्होंने एक राजकुमारी से विवाह कर लिया. रीति के अनुसार, विवाह के चौथे दिन यमराज के दूत राजकुमार के पास आ गए. राजकुमार की पत्नी विलाप करने लगी और दूतों से अकाल मृत्यु से बचने का उपाय जाना. दूतों ने ये सारी बातें यमराज को बताई. यमराज ने बताया कि मृत्यु अटल है, लेकिन धनतेरस के दिन यानी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन जो व्यक्ति दीप प्रज्वलित करेगा वह अकाल मृत्यु से बच सकता है. इसी कारण से हर साल धनतेरस पर यम का दीपक जलाने की परंपरा है.

धनतेरस पर चाहते हैं सुख-समृद्धि और बीमारी से मुक्ति? पूजा के समय जलाएं 13 दिए, पूरे साल धनप्राप्ति का रहेगा योग!

यम का दीपक जलाने की विधि :
1. यम का दीपक जलाने का विधान धनतेरस के दिन होता है.
2. यम का दीपक जलाने के लिए, मिट्टी का चौमुखा दीपक लें, इसमें चार बत्तियां लगाएं और सरसों का तेल भर दें.
3. शाम को प्रदोष काल में, जब सभी परिवार के सदस्य घर आ जाएं, तब यम का दीपक जलाएं.
4. दीपक को घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखें. दीपक जलाने के बाद, इसे घर में चारों तरफ़ घुमा दें.

यम का दीपक जलाने का महत्व:
1. ज्योतिष के मुताबिक, घर की दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज होते हैं.
2. पौराणिक मान्यता है कि धनतेरस पर दक्षिण दिशा में यम का दीपक जलाने से यमराज प्रसन्न होते हैं.
3. इससे घर में सुख-शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है.
4. स्कंद पुराण और पद्म पुराण में भी यम के दीपक का वर्णन मिलता है.

यम का दीपक क्यों जलाया जाता है: धनतेरस की शाम को मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने से साथ यमराज को प्रसन्न करने के लिए भी पूजन किया जाता है. घर की दक्षिण दिशा में एक चार मुख वाला दीपक जलाया जाता है. इस चार मुख वाले दीपक को ही ‘यम का दीपक’ कहा जाता है. ज्योतिष के मुताबिक, घर की दक्षिण दिशा की स्वामी यमराज होते हैं. पौराणिक मान्यता है कि धनतेरस पर दक्षिण दिशा में यम का दीपक लगाने से यमराज प्रसन्न होते हैं. घर में सुख-शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है.

Diwali 2024 Puja Upay: दिवाली पर व्यापारी इस विधि से करें दुकान, ऑफिस, फैक्ट्री में लक्ष्मी पूजा, एक उपाय सालभर रखेगा मालामाल!

ऐसे जलाएं ‘यम का दीपक’: धनतेरस के दिन आटे का चौमुखा दीपक बनाएं और उसमें सरसों का तेल भरें, इसमें चार बाती लगाकर घर की दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाएं. इसके अलावा घर के मुख्य द्वार पर गाय के घी का दीपक जलाने से मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होती हैं और खूब धन-संपत्ति देती हैं.

धनतेरस के दिन सूर्सास्त के बाद शाम को ही यमराज के निमित्त दीपक जलाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि दीपदान से यमदेव प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से सुरक्षा करते है. धनतेरस की शाम घर के बाहर 13 दीपक जलाए. इन्हें मुख्य द्वार पर रखें. वहीं, एक पुराना मिट्टी के दीपक में चार बाती लगा लें और इसे सरसों के तेल से प्रज्वलित करें. अब घर के बाहर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके इस दीपक को जलाएं और मंत्र उच्चारण करते हुए इसे रखें.

मंत्र : मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह, त्रयोदश्यां दीपदानात्सूर्यज: प्रीतयामिति’ 

कहते हैं इससे अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है और नर्क की यातनाएं नहीं सहनी पड़ती.

Hot this week

कब्ज के कारण और प्राकृतिक उपाय जानें, पेट साफ रखने के लिए जरूरी टिप्स.

कब्ज आजकल की लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम...

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...

Topics

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...
Exit mobile version