Tuesday, March 3, 2026
35 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Kaal Bhairav Puja Mantra: शाम की पूजा में करें काल भैरव के इन मंत्रों का जप, बुरी आत्माओं से मिलेगा छुटकारा!


Kaal Bhairav Ashtami Mantra: आज भगवान शिव के सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली रूप कालभैरव की जयंती है. हर साल मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कालभैरव का प्रकट दिवस मनाया जाता है. शिवजी का यह स्वरूप अधर्म और अन्याय के अंत का प्रतीक है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब ब्रह्मा ने अहंकार में आकर भगवान शिव का अपमान किया, तब महादेव के क्रोध से कालभैरव का जन्म हुआ था. तब इस स्वरूप ने अहंकार का नाश कर धर्म की रक्षा की थी. इस दिन भक्त कालभैरव की पूजा, आरती और मंत्र जप करके अपने जीवन से नकारात्मकता, भय और शत्रु बाधाओं से दूर करते हैं. ऐसे में अगर आपको भी बुरी आत्माएं और शक्तियां परेशान करती हैं तो काल भैरव की शाम या रात की पूजा में इन मंत्रों का जप करें. ऐसा करने से चौंकाने वाला लाभ हो सकता है.

रक्षक और संरक्षक हैं काल भैरव

भगवान काल भैरव को रक्षक और संरक्षक माना जाता है. उनका नाम, “काल” और “भैरव” दो शब्दों को जोड़ता है, जो समय के स्वामी और अज्ञानता और भय को दूर करने वाला है. वह नकारात्मक ऊर्जा, बुरी आत्माओं और काले जादू को खत्म करने वाले और भक्तों को सुरक्षा प्रदान करने वाले हैं.

भैरव अष्टमी 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र के अनुसार, इस साल अष्टमी तिथि 12 नवंबर को है. इस दिन काल भैरव की सुबह की पूजा सा शुभ समय सुबह 10 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 10 मिनट तक का है. दोपहर का शुभ समय 02 बजकर 55 मिनट का है. शाम की पूजा की पूजा का शुभ समय 04 बजकर 17 मिनट से 05 बजकर 39 मिनट तक का है. वहीं, रात की पूजा अगले दिन 12 बजकर 10 से 01 बजकर 50 मिनट तक की जा सकेगी.

बुरी आत्माओं को दूर करने वाले पावरफुल मंत्र

ॐ काल भैरवाय नमः..!!

यह काल भैरव से आशीर्वाद और उनकी सुरक्षा की प्रार्थना करने वाली एक सरल प्रार्थना है. भगवान काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए आप प्रतिदिन इस मंत्र का जाप कर सकते हैं.

ॐ ह्रीं वतुकाय आपद उद्धारनाय कुरु कुरु भैरवाय नमः..!!

इस मंत्र का प्रयोग रास्ता साफ करने के लिए किया जाता है और यह बुरी ऊर्जा से सुरक्षा प्रदान करता है. भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करें और भगवान काल भैरव का आशीर्वाद लें.

ओम भ्राम भैरवाय नमः

इस मंत्र का उपयोग सभी प्रकार की बुरी ऊर्जा को खत्म करने के लिए किया जाता है और इस मंत्र का नियमित जाप करने से आप दैवीय शक्ति के साथ ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं.

ॐ कालकाय विद्महे, कालतीतया धीमहि, तन्नो काल भैरवः प्रचोदयात्..!!

इस मंत्र को शक्तिशाली काल भैरव मंत्रों में से एक माना जाता है और भगवान काल भैरव का आशीर्वाद पाने के लिए आप इस मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं और बुरी शक्तियों और बुद्धि से सुरक्षा मांग सकते हैं.

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं काल भैरवाय नमः..!!

सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा, काले जादू से छुटकारा पाने के लिए, आप इस अत्यंत शक्तिशाली मंत्र का जाप करके भैरव के आठ रूपों से सुरक्षा पा सकते हैं और आपको सलाह दी जाती है कि सरसों के तेल का दीया जलाकर मंत्र का 108 बार जाप करें.
काल भैरव के मंत्र जाप करने से ये सावधानी जरूरी

मंत्र जप करने के नियम

इन मंत्रों को शुरू करने से पहले प्रार्थना करें.
यदि आप परिणाम देखना चाहते हैं तो निरंतरता बनाए रखें.
पीरियड्स के दौरान महिलाएं मंत्र जप करने से बचें.
इन मंत्रों का जाप करने से पहले भी सिर को रूमाल से ढकें.

Hot this week

Topics

chandra grahan 2026 lucky rashifal | mesh tula kumbh and these zodiac signs will get benefits during lunar eclipse next 90 days | चंद्र...

होमराशिकुछ घंटो बाद लगेगा चंद्र ग्रहण, मेष, तुला...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img