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रोजाना जो भी श्रद्धांलु भगवान महाकाल के दरबार पर आते हैं.वह अलग अलग दान देते है. मंदिर को दान पेटी के अलावा कई तरह से दान आते है.जैसे कि भेंट पेटियों,शीघ्र दर्शन,भस्म आरती से बुकिंग,अभिषेक से आय,अन्न क्षेत्र से आय, धर्मशाला बुकिंग से आय, फोटोग्राफी मासिक शुल्क से आय,भांग एवं ध्वजा बुकिंग से आय,उज्जैन दर्शन बस सेवा से आय और कई अन्य आय से महाकाल का खजाना 2024 मे भर चुका है.







