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Masik Durga Ashtami November 2025: आज मार्गशीर्ष की मासिक दुर्गाष्टमी है. मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा करने से नवरात्रि व्रज और पूजा के समान लाभ मिलता है. मां दुर्गा की कृपा से व्यक्ति के संकट और बाधाएं दूर होती हैं. आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व के बारे में.
Masik Durga Ashtami November 2025: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. मार्गशीर्ष की मासिक दुर्गाष्टमी आज है. पौराणिक धर्म ग्रंथों में मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष उल्लेख है, जिसमें बताया गया है कि इस दिन व्रत रखने और मातारानी की पूजा करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
मासिक दुर्गाष्टमी मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, शुक्रवार के दिन सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा कुम्भ राशि में रहेंगे. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 9 मिनट तक रहेगा.
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत और पूजा का महत्व
मासिक दुर्गाष्टमी का दिन माता भगवती को समर्पित है. मान्यता है कि यदि किसी जातक के जीवन में कोई परेशानी है या फिर कठोर मेहनत के बाद भी विशेष फल की प्राप्ति नहीं हो रही है तो ऐसे में मासिक दुर्गाष्टमी के दिन आदिशक्ति की पूजा और व्रत रखने से आपको लाभ हो सकता है. मासिक दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने का फल नवरात्रि के पूजन के बराबर होता है.
मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि
- मासिक दुर्गाष्टमी के दिन विधि-विधान से पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. हो सके तो लाल रंग के वस्त्र पहनें.
- माना जाता है कि माता को लाल रंग अत्यंत प्रिय है. फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें.
- एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता की प्रतिमा स्थापित करें, साथ ही कलश की भी स्थापना करें.
- देवी मां को श्रृंगार का सामान चढ़ाएं, जिसमें लाल चुनरी, सिंदूर, अक्षत (चावल), लाल पुष्प (विशेषकर गुड़हल), चंदन, रोली आदि अर्पित करें.
- इसके बाद उन्हें फल, मिठाई, या अन्य सात्विक भोग लगाएं (जैसे खीर या हलवा).
- मां दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाएं और धूपबत्ती जलाएं. आप चाहें तो दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं और अंत में मां दुर्गा की आरती करें.
कन्या पूजा
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है. 9 कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें वस्त्र, फल, मिठाई और दक्षिणा देकर सम्मानित करें. यदि संभव न हो तो कम से कम एक कन्या का पूजन अवश्य करें. जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करना भी शुभ माना जाता है.
कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें






