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Nakshatra List In Hindi: वैदिक ज्योतिष में, नक्षत्रों (चंद्र नक्षत्रों) का महत्व राशि चिन्हों से भी ज़्यादा माना जाता है, क्योंकि चंद्रमा की स्थिति और आपका स्वभाव चंद्र नक्षत्रों से तय होता है. यहां 27 नक्षत्रों और उनके स्वामी ग्रहों की सूची दी गई है…
Nakshatra List In Hindi: वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों का महत्व राशि से भी अधिक माना जाता है, क्योंकि चंद्रमा की स्थिति और आपके स्वभाव का निर्धारण इन्हीं नक्षत्रों के आधार पर होता है. आकाश मंडल में कुल 27 नक्षत्र माने गए हैं, जबकि 28वें नक्षत्र के रूप में ‘अभिजित’ को विशेष कार्यों के लिए गिना जाता है.2026 के खगोलीय और ज्योतिषीय घटनाक्रमों के अनुसार, यहां सभी 27 नक्षत्रों की सूची उनके स्वामी ग्रहों के साथ दी गई है…
ये हैं 27 नक्षत्रों की सूची और उनके स्वामी-
क्र.सं. नक्षत्र का नाम स्वामी ग्रह विशेष महत्व
1. अश्विनी- केतु- नई शुरुआत और ऊर्जा का प्रतीक.
2. भरणी- शुक्र- कला और रचनात्मकता.
3. कृत्तिका- सूर्य- शक्ति और शुद्धिकरण.
4. रोहिणी- चंद्रमा- सुंदरता और उर्वरता.
5. मृगशिरा- मंगल- खोज और जिज्ञासा.
6. आर्द्रा- राहु- परिवर्तन और विनाश.
7. पुनर्वसु- गुरु- नवीनीकरण और घर वापसी.
8. पुष्य- शनि- पोषण और शुभता (सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र).
9. अश्लेषा- बुध- गहराई और अंतर्ज्ञान.
10. मघा- केतु- पूर्वज और गौरव.
11. पूर्वा फाल्गुनी- शुक्र- प्रेम और सुख.
12. उत्तरा फाल्गुनी- सूर्य- दया और समृद्धि.
13. हस्त- चंद्रमा- कौशल और बुद्धि.
14. चित्रा- मंगल- अवसर और निपुणता.
15. स्वाति- राहु- स्वतंत्रता और संतुलन.
16. विशाखागुरुधैर्य और विजय.
17. अनुराधा- शनि- मित्रता और सफलता.
18. ज्येष्ठा- बुध- शक्ति और सुरक्षा.
19. मूल- केतु- गहराई और जड़ें.
20. पूर्वाषाढ़ा- शुक्र- अपराजेय शक्ति.
21. उत्तराषाढ़ा- सूर्य- पूर्ण सफलता.
22. श्रवण- चंद्रमा- ज्ञान और श्रवण शक्ति.
23. धनिष्ठा- मंगल- धन और प्रसिद्धि.
24. शतभिषा- राहु- उपचार और रहस्य
25. पूर्वाभाद्रपद- गुरु- आध्यात्मिकता.
26. उत्तराभाद्रपद- शनि- उच्च ज्ञान और त्याग.
27. रेवती- बुध- यात्रा और मोक्ष.
2026 में नक्षत्रों का महत्व-
वर्ष 2026 ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल शनि देव का नक्षत्र परिवर्तन होने जा रहा है. 20 जनवरी 2026 को शनि अपने स्वयं के नक्षत्र उत्तरभाद्रपद में प्रवेश कर चुके हैं.
इसके अलावा मघा नक्षत्र को 2026 में सबसे शक्तिशाली परिणामों वाला नक्षत्र माना जा रहा है, विशेषकर अगस्त के महीने में जब सूर्य इसमें गोचर करेंगे. अभिजीत नक्षत्र का उपयोग किसी भी शुभ कार्य के लिए बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है, जो उत्तराषाढ़ा और श्रवण के बीच स्थित होता है.
Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.
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