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Sarva Pitru Amavasya 2025 date and time | सर्व पितृ अमावस्या कब है? जानें तारीख, मुहूर्त


Sarva Pitru Amavasya 2025 Date: सर्व पितृ अमावस्या आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या ति​थि को मनाते हैं. सर्व पितृ अमावस्या पितृ पक्ष की पंद्रहवी तिथि को होती है. सर्व पितृ अमावस्या को आश्विन अमावस्या भी कहते हैं. इस दिन पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान, दान आदि करते हैं. इस साल सर्व पितृ अमावस्या के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं कि सर्व पितृ अमावस्या कब है? सर्व पितृ अमावस्या पर कुतुप मुहूर्त क्या है? सर्व पितृ अमावस्या का महत्व क्या है?

सर्व पितृ अमावस्या की तारीख

दृक पंचांग के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या के लिए जरूरी आश्विन कृष्ण अमावस्या तिथि 21 सितंबर दिन रविवार को 12:16 ए एम से शुरू हो रही है. यह तिथि 22 सितंबर दिन सोमवार को 01:23 ए एम तक मान्य है. उदयातिथि के आधार पर सर्व पितृ अमावस्या 21 सितंबर रविवार को है.

3 शुभ योग में सर्व पितृ अमावस्या

इस साल की सर्व पितृ अमावस्या पर 3 शुभ योग बन रहे हैं. सर्व पितृ अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 09:32 ए एम से बन रहा है, जो अगले दिन 22 सितंबर को सुबह 06:09 ए एम तक रहेगा. इस योग में कार्य सफल और शुभ फलदायी होते हैं.

अमावस्या पर शुभ योग प्राात:काल से लेकर शाम 07:53 पी एम तक है, उसके बाद से शुक्ल योग बनेगा. उस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 09:32 ए एम तक है, उसके बाद से उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है.

सर्व पितृ अमावस्या मुहूर्त

सर्व पितृ अमावस्या के दिन पितरों के लिए श्राद्ध किया जाता है, उसके लिए कुतुप मूहूर्त बहुत अच्छा होता है. उस दिन कुतुप मूहूर्त 49 मिनट तक है. सर्व पितृ अमावस्या पर कुतुप मूहूर्त दिन में 11:50 ए एम से दोपहर 12:38 पी एम तक है.

सर्व पितृ अमावस्या पर रौहिण मूहूर्त दोपहर 12:38 पी एम से दोपहर 01:27 पी एम तक है. उस दिन रौहिण मूहूर्त की कुल अवधि 49 मिनट तक है. सर्व पितृ अमावस्या के दिन अपराह्न काल दोपहर 1:27 पी एम से दोपहर 3:53 पी एम तक है. अपराह्न काल की कुल अवधि 2 घंटे 26 मिनट है.

सर्व पितृ अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:34 ए एम से 05:22 ए एम तक है. उस दिन का शुभ मुहूर्त यानि अभिजीत मुहूर्त 11:50 ए एम से दोपहर 12:38 पी एम तक है.

सर्व पितृ अमावस्या तर्पण समय

सर्व पितृ अमावस्या के दिन आप सुबह में जब स्नान करें तो उसके बाद ही अपने पितरों के लिए तर्पण करें. स्नान के बाद ही तर्पण किया जाता है.

सर्व पितृ अमावस्या का महत्व

पितृ पक्ष में सर्व पितृ अमावस्या बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. सर्व पितृ अमावस्या पर उन पितरों का श्राद्ध करते हैं, जिनका निधन किसी भी महीने की अमावस्या तिथि को हुई होती है. सर्व पितृ अमावस्या पर उन पितरों का भी श्राद्ध करते हैं, जिनके निधन की तिथि पता नहीं होती है. इसके अलावा आप अपने उन पितरों का भी श्राद्ध करते हैं, जिनके बारे में आपको पता नहीं है. सर्व पितृ अमावस्या को ज्ञात और अज्ञात सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है. सर्व पितृ अमावस्या से पितृ पक्ष का समापन हो जाता है.

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