Thursday, February 26, 2026
27.2 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

shiv ji ke dohe। शिव जी के दोहे


Shiv Ji Ke Dohe: भगवान शिव को सिर्फ एक देवता नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सोच माना जाता है. वे जितने सरल हैं, उतने ही गहरे भी. उनके जीवन से जुड़े दोहे और कथन इंसान को अंदर से झकझोर देते हैं और सोचने पर मजबूर करते हैं. शिव जी के दोहे किसी ग्रंथ की तरह भारी नहीं होते, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े होते हैं. इनमें भक्ति भी है, वैराग्य भी है और जीवन का सच भी. आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब इंसान तनाव, लालच और डर से घिरा रहता है, तब शिव जी के दोहे मन को ठहराव देते हैं. ये दोहे बताते हैं कि कम में खुश कैसे रहा जाए, अहंकार से कैसे बचा जाए और कर्म को कैसे सही दिशा दी जाए. खास बात ये है कि शिव जी के दोहे हर उम्र के इंसान को समझ आते हैं, चाहे वो भक्त हो या आम व्यक्ति. शिव जी का संदेश सीधा है-सच्चाई के साथ जियो, दिखावे से दूर रहो और अपने कर्म पर भरोसा रखो. यही वजह है कि उनके दोहे आज भी उतने ही असरदार हैं, जितने पहले थे.

शिव जी के प्रसिद्ध दोहे और उनका मतलब
1. नाहं देहो न मे देहो,
भस्म धारी शिव योगी.

मतलब:
शिव कहते हैं कि इंसान सिर्फ शरीर नहीं है. आत्मा शरीर से अलग है. जब इंसान ये समझ लेता है, तब डर अपने आप खत्म हो जाता है.

2.अहंकार जो मन बसे,
वह नर दुख का धाम.
शिव शरण जो आ बसे,
जीवन हो सुखधाम.

मतलब:
अहंकार इंसान को दुख देता है. जो इंसान शिव के रास्ते पर चलता है, उसका जीवन हल्का और शांत हो जाता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

3. ना धन का अभिमान रख,
ना तन का घमंड.
शिव स्मरण जो कर लिया,
कट जाए हर फंद.

मतलब:
दौलत और शरीर पर घमंड करने से इंसान उलझ जाता है. शिव का नाम मन को आज़ाद करता है.

shiv ji ke dohe

शिव जी के दोहों में छुपा जीवन का सच
शिव जी के दोहे सिर्फ पूजा के लिए नहीं होते. ये जीवन को सही नजर से देखने की सीख देते हैं. इनमें बताया गया है कि हर चीज़ स्थायी नहीं होती. सुख और दुख दोनों आते-जाते रहते हैं. जो इंसान इस सच को समझ लेता है, वो हालात से टूटता नहीं. शिव जी खुद इसका उदाहरण हैं. ना राजमहल, ना धन-दौलत, फिर भी पूर्ण संतोष. उनके दोहे इंसान को सिखाते हैं कि जरूरत से ज़्यादा चाह इंसान को बेचैन करती है. सादगी अपनाने से मन खुद-ब-खुद शांत हो जाता है.

घर में शिव जी के दोहे पढ़ने का असर
जब घर में रोज़ शिव जी के दोहे पढ़े जाते हैं, तो माहौल में एक अलग ही शांति महसूस होती है. मन नकारात्मक सोच से दूर रहता है. परिवार के लोगों में धैर्य बढ़ता है और छोटी बातों पर झगड़े कम होते हैं.
सुबह या शाम को दोहे पढ़ने से मन दिनभर संतुलित रहता है. कई लोग मानते हैं कि शिव जी के दोहे पढ़ने से डर, भ्रम और बेचैनी धीरे-धीरे कम होने लगती है. ये दोहे ध्यान लगाने में भी मदद करते हैं.

shiv ji ke dohe

शिव जी के दोहे आज के समय में क्यों ज़रूरी हैं
आज इंसान बाहर से आगे बढ़ रहा है, लेकिन अंदर से खाली होता जा रहा है. ऐसे में शिव जी के दोहे इंसान को खुद से जोड़ते हैं. ये याद दिलाते हैं कि असली ताकत शांति में है, ना कि दिखावे में. शिव जी के दोहे आज के समय में इसलिए भी जरूरी हैं क्योंकि ये बिना किसी दबाव के जीवन को आसान बनाने की बात करते हैं. ना डर, ना लालच-बस संतुलन.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Hot this week

कब्ज के कारण और प्राकृतिक उपाय जानें, पेट साफ रखने के लिए जरूरी टिप्स.

कब्ज आजकल की लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम...

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...

Topics

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img