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पंचमुखी हनुमान जी के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं. इसके अलावा इस मंदिर में हनुमान जी को प्रतिदिन पंच भोग लगाए जाते हैं. शनिवार व मंगलवार को पंचमुखी हनुमान जी मंदिर में विशेष पूजा होती है.

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आंधी तूफान में भी जलती रहती है अखंड ज्योत

हाइलाइट्स

  • डूंगरी धाम में 600 साल से जल रही अखंड ज्योत.
  • शनिवार और मंगलवार को विशेष पूजा होती है.
  • पंचमुखी हनुमान की मूर्ति पहाड़ी की चोटी पर स्थित है.

जयपुर:- जयपुर के डूंगरी धाम में भगवान हनुमान का एक चमत्कारिक मंदिर मौजूद है. इस मंदिर में एक ऐसी ज्योत जल रही है, जो आज तक कभी बुझी नहीं है. इसके अलावा इस मंदिर की एक और खास बात यह है कि जहां पर विराजित भगवान हनुमान जी की प्रतिमा पंचमुखी है. पंचमुखी भगवान हनुमान का यह मंदिर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है.

इस मंदिर को डूंगरी धाम के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि जब भक्तों की मनोकामना पूरी होती है तो वे अपने घर से पांच अलग-अलग व्यंजन बनाकर लेकर आते हैं और भगवान हनुमान के पांचो मुख्य को अलग-अलग व्यंजन परोसते हैं.

दर्शन के लिए दूर-दूर से आते भक्त
डूंगरी धाम के स्थानीय भक्त रामकिशन ने बताया कि यहां पंचमुखी हनुमान जी के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं. इसके अलावा इस मंदिर में हनुमान जी को प्रतिदिन पंच भोग लगाए जाते हैं. शनिवार व मंगलवार को पंचमुखी हनुमान जी मंदिर में विशेष पूजा होती है. इस दिन हनुमान जी के दर्शन व पूजा करना शुभ माना जाता है.

आंधी तूफान में भी जलती रहती है अखंड ज्योत
रामकिशन ने Bharat.one को बताया कि डूंगरी धाम के पंचमुखी हनुमान की मूर्ति को रोजाना सिंदूर से शृंगार किया जाता है. मान्यता है कि भगवान हनुमान के शरीर पर लगा सिंदूर अगर कोई अपने माथे पर लगाता है, तो उसका पूरा दिन अच्छा जाता है. इसके अलावा यहां पर 600 साल से एक अखंड ज्योत जल रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार, आंधी तूफान में भी यह अखंड ज्योत बुझती नहीं है.

इस मंदिर में अधिकांश भक्त खेत में नलकूप व कुआं की खुदाई से पहले मीठे पानी की अरदास लेकर आते हैं. पंचमुखी हनुमान जी जाकर मन्नत मांगने से उनके खेतों में बनाए जा रहे नलकूप में मीठा पानी आता है. ऐसी मान्यता कई सालों से प्रचलित है. इसके अलावा बुरी शक्ति से पीछा छुड़ाने के लिए भी भक्त इस मंदिर में आते हैं.

मंदिर की अनोखी बनावट
प्रसिद्ध डूंगरी धाम ऊंची पहाड़ी पर स्थित है. यहां प्रसिद्ध संत हीरापुरी महाराज की तपोभूमि है. यह पंचमुखी भगवान हनुमान की विशाल मूर्ति है. मंदिर के एक हिस्से में पंचमुख स्वरूप की रंगीन में सफेद रंग से सजाया हुआ मूर्ति विराजित है. डूंगरी धाम स्थित हनुमान जी की मूर्ति की बनावट भव्य है.

यह मंदिर दो भागों में बांटा हुआ है. मंदिर के सामने बड़ा बरामदानुमा भवन बना हुआ है. वही मंदिर के एक हिस्से में मंदिर महंत का निवास स्थान है. यहां पंचमुखी हनुमान की विशाल मूर्ति स्थापित है, जहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं.

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भगवान हनुमान के इस मंदिर में 600 साल से जल रही अखंड ज्योत, क्या है मान्यता?

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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