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West Facing Shop Vastu In Vastu: आज के समय में दुकान खोलना सिर्फ जगह किराए पर लेने और सामान सजा देने तक सीमित नहीं रह गया है. अब लोग यह भी सोचने लगे हैं कि दुकान की दिशा क्या है, वहां आने वाली एनर्जी कैसी है और क्या वह ग्राहकों को अपनी ओर खींच पाएगी या नहीं. खासकर जब बात लंबे समय तक टिके रहने वाले बिज़नेस की हो, तो हर छोटा-बड़ा फैक्टर मायने रखता है. पश्चिममुखी दुकान को लेकर अक्सर दुकानदारों के मन में कन्फ्यूजन रहती है. वास्तु शास्त्र इसी कन्फ्यूजन को दूर करने में मदद करता है. इसके नियम दुकान की ऊर्जा को बैलेंस करने पर फोकस करते हैं, ताकि ग्राहक खुद-ब-खुद खिंचे चले आएं और बिक्री में सुधार दिखे. इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि पश्चिममुखी दुकान वास्तु के नजरिए से कितनी सही मानी जाती है और कौन-से 5 आसान उपाय अपनाकर ग्राहक बढ़ाए जा सकते हैं और आर्थिक फायदा लिया जा सकता है.

पश्चिममुखी दुकान को सही वास्तु टिप्स के साथ डिजाइन किया जाए तो यह ग्राहकों की संख्या और कमाई दोनों बढ़ा सकती है. सही दरवाजा, कैश काउंटर की जगह, बैठने की दिशा और हल्के रंग मिलकर दुकान में पॉजिटिव माहौल बनाते हैं, जो बिज़नेस को धीरे लेकिन स्थिर ग्रोथ देता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

पश्चिममुखी दुकान कैसे पहचानें अपनी दुकान की सही दिशा जानना सबसे पहला कदम है. इसके लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती. -सबसे पहले एक साधारण कंपास लें -दुकान के मुख्य दरवाजे पर खड़े होकर कंपास को सीधा रखें -अब सड़क की ओर मुंह करके देखें -जिस दिशा में कंपास की सुई जाती है, वही आपकी दुकान की दिशा मानी जाएगी अगर सुई पश्चिम की ओर इशारा करे, तो आपकी दुकान पश्चिममुखी है.

क्या पश्चिममुखी दुकान वास्तु के हिसाब से सही होती है? वास्तु मान्यताओं के अनुसार पश्चिममुखी दुकान को पूरी तरह गलत नहीं माना गया है. यह दिशा स्थिरता और अनुभव से जुड़ी मानी जाती है. ऐसे बिज़नेस जिनमें भरोसा, दोहराव वाले ग्राहक और लंबे समय की सोच जरूरी होती है, उनके लिए यह दिशा फायदेमंद हो सकती है. बस जरूरत होती है सही सेटअप और कुछ जरूरी बदलावों की.
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पश्चिममुखी दुकान के लिए 5 असरदार वास्तु टिप्स 1. मुख्य द्वार कहां होना चाहिए पश्चिममुखी दुकान का दरवाजा उत्तर-पश्चिम हिस्से में होना अच्छा माना जाता है. यह हिस्सा मूवमेंट और ग्राहकों की आवाजाही से जुड़ा होता है. दरवाजा साफ-सुथरा, खुलने में आसान और अच्छी रोशनी वाला रखें. टूटे शटर, जाम दरवाजे या गंदगी से ग्राहक अनजाने में भी दूरी बना लेते हैं.

2. कैश काउंटर की सही जगह कैश काउंटर दुकान का सबसे अहम पॉइंट होता है. इसे उत्तर-पश्चिम हिस्से में रखना बेहतर माना जाता है. ध्यान रखें कि काउंटर पर फालतू सामान न हो. उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम कोने में कैश काउंटर रखने से पैसों की रुकावट देखी जाती है.

3. सामान रखने का सही तरीका दुकान में रखा सामान जितना सलीके से होगा, ग्राहक उतना सहज महसूस करेगा. भारी सामान पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखें. दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हिस्से को पूरी तरह भरा हुआ न रखें. खाली और साफ जगह से पॉजिटिव माहौल बनता है.

4. मालिक के बैठने की दिशा दुकानदार या मालिक को पश्चिम या दक्षिण दिशा में बैठना चाहिए. बैठते समय चेहरा उत्तर या पूर्व की ओर रहे तो बेहतर रहता है. दरवाजे की ओर पीठ करके बैठने से नुकसान की स्थिति बन सकती है, इसलिए इस गलती से बचें.

5. रंगों का सही चुनाव पश्चिममुखी दुकान में रंगों की भूमिका बहुत अहम होती है. ग्रे, सफेद, हल्का नीला और हल्का हरा जैसे रंग इस दिशा के लिए अच्छे माने जाते हैं. बहुत गहरे रंग या ज्यादा डल शेड्स से बचें, क्योंकि इससे दुकान का माहौल भारी लगने लगता है.







