Saturday, February 28, 2026
22.8 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Yaganti Temple: यागंती मंदिर मे लगातार बढ़ रहा नंदी प्रतिमा का आकार, जानें क्या है इसके पीछे का रहस्य!


Last Updated:

Yaganti Uma Maheshwar Temple: यागंती मंदिर आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में स्थित है. मंदिर को श्री यागंती उमा माहेश्वरी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और यह शिव को समर्पित है. यहां नंदी की प्रतिमा का आकार लगात…और पढ़ें

इस मंदिर मे लगातार बढ़ रहा नंदी प्रतिमा का आकार, जानें क्या है इसका रहस्य

यागंती मंदिर: इतिहास और रहस्य का संगम

हाइलाइट्स

  • यागंती मंदिर आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में स्थित है.
  • नंदी की प्रतिमा का आकार लगातार बढ़ रहा है.
  • वैज्ञानिक और भक्त नंदी की बढ़ती प्रतिमा से हैरान हैं.

Yaganti Temple: दक्षिण भारत अपने प्राचीन और रहस्यमयी मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. ऐसा ही एक अद्भुत मंदिर है यागंती मंदिर, जो आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में स्थित है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और अपनी एक अनोखी विशेषता के कारण चर्चा में रहता है. यहां स्थापित नंदी की प्रतिमा का आकार लगातार बढ़ रहा है, जो वैज्ञानिकों और भक्तों के लिए एक रहस्य बना हुआ है.

यागंती मंदिर का इतिहास
यागंती मंदिर, जो 15वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के राजा हरिहर बुक्का राय द्वारा बनवाया गया था. हालांकि, इस मंदिर का इतिहास और भी पुराना है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि अगस्त्य ने यहां भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति स्थापित करने का विचार किया था. लेकिन मूर्ति का अंगूठा टूट जाने के कारण, स्थापना को बीच में ही रोक दिया गया. इससे निराश होकर, अगस्त्य ऋषि भगवान भोलेनाथ की तपस्या में लीन हो गए. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर, भगवान शिव ने उन्हें यहां अपना मंदिर बनाने का आशीर्वाद दिया.

स्थानीय लोगों के अनुसार, जब अगस्त्य ऋषि तपस्या कर रहे थे, तो कौवे उन्हें परेशान कर रहे थे. क्रोधित होकर, ऋषि ने उन्हें शाप दिया कि वे अब यहां कभी नहीं आ सकेंगे. चूंकि कौवे को शनिदेव का वाहन माना जाता है, इसलिए यहां शनिदेव का वास भी नहीं होता.

ये भी पढ़ें- Vastu Tips For Kids Room: बच्चों के कमरे में रंगों समेत इन चीजों का रखें ध्यान, फिर देखें पढ़ाई में खूब लगेगा मन

शिव-पार्वती अर्धनारीश्वर रूप
यहां शिव-पार्वती अर्धनारीश्वर रूप में विराजमान हैं और इस मूर्ति को एक ही पत्थर से तराशा गया है. यह संभवतः अपनी तरह का पहला मंदिर है, जहां भगवान शिव की पूजा शिवलिंग के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रतिमा के रूप में होती है.

खूबसूरत प्राकृतिक नजारों से घिरा यह मंदिर एक और खास बात के लिए जाना जाता है. यहां पुष्करिणी नामक एक पवित्र जलस्रोत है, जिसमें साल भर पानी बहता रहता है. कोई नहीं जानता कि इस पुष्करिणी में पानी कहां से आता है. भक्तों का मानना है कि मंदिर में प्रवेश करने से पहले इस पवित्र जल में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं.

नंदी की प्रतिमा का रहस्य
यागंती मंदिर में स्थापित नंदी की प्रतिमा का आकार लगातार बढ़ रहा है. यह बात वैज्ञानिकों और भक्तों दोनों के लिए आश्चर्य का विषय है. कई लोगों का मानना है कि यह एक दैवीय चमत्कार है, जबकि कुछ लोग इसे प्राकृतिक घटना मानते हैं.

ये भी पढ़ें- Tula Lagna: तुला लग्न के जातक सोच समझकर करें निवेश, नहीं तो उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान

इस मंदिर के पुजारियों का कहना है कि नंदी की प्रतिमा का आकार पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गया है. उन्होंने बताया कि पहले नंदी की प्रतिमा छोटी थी, लेकिन अब यह इतनी बड़ी हो गई है कि मंदिर के कुछ स्तंभों को हटाना पड़ा है.

वैज्ञानिकों का मानना है कि नंदी की प्रतिमा का आकार बढ़ने का कारण शायद मंदिर के आसपास की चट्टानों में मौजूद रासायनिक तत्व हैं. उनका कहना है कि इन तत्वों के कारण प्रतिमा का आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा है.

भक्तों की आस्था
यागंती मंदिर में नंदी की प्रतिमा का आकार बढ़ने को लेकर भक्तों की गहरी आस्था है. वे इसे भगवान शिव का चमत्कार मानते हैं और नंदी की प्रतिमा की पूजा करते हैं. यागंती मंदिर एक अद्भुत और रहस्यमयी मंदिर है. यहां नंदी की प्रतिमा का आकार बढ़ना एक रहस्य बना हुआ है, लेकिन भक्तों की आस्था और वैज्ञानिकों की जिज्ञासा इस मंदिर को और भी खास बनाती है.

homedharm

इस मंदिर मे लगातार बढ़ रहा नंदी प्रतिमा का आकार, जानें क्या है इसका रहस्य

Hot this week

कब्ज के कारण और प्राकृतिक उपाय जानें, पेट साफ रखने के लिए जरूरी टिप्स.

कब्ज आजकल की लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम...

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...

Topics

Protein Rich Indian Breakfast। हाई-प्रोटीन वाला पोहा रेसिपी

High Protein Poha Recipe: सुबह का नाश्ता दिन...

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img