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Nagaur Special Gajak: नागौर की सर्दियों में गजक की मांग तेजी से बढ़ जाती है. जय अम्बे गजक भंडार की गजक अपने पारंपरिक स्वाद और देसी विधि के कारण सबसे लोकप्रिय है. यहां तिल, गुड़ और शक्कर से बनाई गई गजक का स्वाद बेहद लाजवाब होता है.तिल की गजक के चार प्रकार, गुड़ की गजक के दो प्रकार और शक्कर से बनी गजक विशेष रूप से प्रसिद्ध है. गजक स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है.

सर्दियों में नागौर की गजक की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है. बाजारों में गजक की खुशबू और स्वाद हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है. नागौर में बनने वाली गजक अपने अनूठे स्वाद और पारंपरिक विधि के कारण प्रसिद्ध है. यहां दूर-दूर से लोग गजक मंगवाते हैं, खासकर जय अम्बे गजक भण्डार की गजक सबसे ज्यादा लोकप्रिय है.

नागौर की गजक की खासियत यह है कि इसे पूरी तरह देसी तरीकों से तैयार किया जाता है. यहां की गजक में तिल, गुड़ और शक्कर का सही अनुपात रखा जाता है जिससे इसका स्वाद बेहद लाजवाब बनता है. जय अम्बे गजक भंडार में हर साल सर्दियों में गजक की बिक्री में कई गुना इजाफा देखने को मिलता है.

बाजार में आमतौर पर दो प्रकार की गजक मिलती है. जिसमें तिल की और मूंगफली की गजक शामिल है. मगर नागौर की खास बात यह है कि यहां गुड़ से दो और तिल से चार तरह की गजक बनाई जाती है. इसके अलावा, शक्कर से भी एक विशेष प्रकार की गजक तैयार की जाती है जो मिठास और कुरकुरेपन का बेहतरीन मिश्रण होती है.

यहां तिल की गजक के चार प्रमुख प्रकार गुड़ तिल गजक, रोल गजक, पलटी गजक और केसर पिस्ता गजक है. इन सबमें तिल को अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है. कुछ गजकों में साबुत तिल डाले जाते हैं, जबकि कुछ में तिल को महीन पीसकर इस्तेमाल किया जाता है. इससे हर गजक का स्वाद अलग और विशेष बनता है.

गुड़ से बनी दो प्रमुख गजकें नागौर में सबसे प्रसिद्ध है. देसी गुड़ की गजक, जिसका स्वाद बेहद पारंपरिक होता है और दूसरी है शक्कर गुड़ और मूंगफली से बनी मिश्रित गजक, दोनों ही गजकें सर्दियों में ऊर्जा का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होती है.

गजक बनाने की प्रक्रिया भी बेहद रोचक होती है. सबसे पहले गुड़ की चाशनी तैयार की जाती है और फिर भुने हुए तिल को उसमें मिलाया जाता है. मिश्रण को ठंडा करके मनचाहे आकार में ढाला जाता है. रोल गजक और केसर पिस्ता गजक में सजावट के लिए पिस्ता और केसर का उपयोग किया जाता है जिससे इसकी खुशबू बढ़ जाती है.

नागौर का जय अम्बे गजक भंडार तुलसी चौक, बंशीवाला मंदिर के पास स्थित है. यहां बनने वाली गजक 160 रुपए से लेकर 240 रुपए प्रति किलो तक में उपलब्ध है. इस भंडार की गजक को जिले में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इसका स्वाद, गुणवत्ता और कुरकुरापन इसे बाकी जगहों से बिल्कुल अलग बनाता है.
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