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Dhanbad News: सर्दी शुरू होते ही बाजार में मूंगफली की बहार आ गई है. हर चौक चौराहों पर आपको इसी दुकान मिल जाएगी. लोगों को इसका साल भर इंतजार रहता है और बड़े ही शौक से खाते हैं.
धनबाद. मूंगफली को यूं ही गरीबों का बादाम नहीं कहा जाता. टाइम पास से लेकर हल्की भूख मिटाने तक लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. उबालकर, भूनकर, भट्टी में पकाकर या पोहा के साथ मिलाकर मूंगफली हर रूप में पसंद की जाती है. प्रोटीन, हेल्दी फैट और अनेक पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है.
धनबाद के बरारी मोड़ पर बीते 15 वर्षों से मुकेश कुमार राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर से लाई गई खास मूंगफली बादाम बेच रहे हैं. राजस्थान में तैयार होने वाली मूंगफली अपने बड़े दानों कम नमी और बेहतरीन स्वाद के कारण पूरे देश में प्रसिद्ध है. इसी विशेष स्वाद को धनबाद के लोगों तक पहुंचाने का काम मुकेश लगातार करते आ रहे हैं.
नौकरी न मिलने पर शुरू किया काम
मुकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने झरिया के आरएसपी कॉलेज से बीए राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की पढ़ाई की है. पढ़ाई पूरी करने के बावजूद मनपसंद नौकरी न मिलने पर उन्होंने व्यापार की राह चुनी. भारी प्रतियोगिता और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने जोरापोखर बरारी मोड़ सड़क किनारे मूंगफली बादाम बेचने की शुरुआत की. उनकी मेहनत और गुणवत्ता पर फोकस ने उन्हें स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया.
मुकेश बताते हैं कि राजस्थान से आने वाले मूंगफली दानों की खासियत है कि ये न तो जल्दी खराब होते हैं. न ही इनमें नमी या बदबू की समस्या होती है. झारखंड बिहार की तुलना में राजस्थान की मिट्टी और मौसम मूंगफली की खेती के लिए अधिक उपयुक्त है. जिससे वहां की मूंगफली का स्वाद अलग ही निखर कर आता है.
स्वाद बेहद लाजवाब
उन्होंने बताया कि हर 15 दिन में एक 20 (बोरी) की खपत पूरी हो जाती है. यहां 250 ग्राम के लिए ₹50, जबकि एक किलो मूंगफली ₹200 में उपलब्ध है. तैयार करने की प्रक्रिया भी दिलचस्प है भट्ठा जलाकर बड़ी कड़ाही में करीब 10 किलो नमक डालकर उसमें 20 किलो मूंगफली भूनते हैं. इस विधि से दानों में नमक एकदम संतुलित तरीके से समा जाता है, जिससे स्वाद बेहद लाजवाब बनता है.
बरारी मोड़ से गुजरने वाले लोग मुकेश के यहां की मूंगफली का स्वाद चखे बिना आगे बढ़ना पसंद नहीं करते है. मेहनत ईमानदारी और गुणवत्ता के भरोसे मुकेश कुमार ने मूंगफली के छोटे से कारोबार को अपनी रोजी-रोटी का मजबूत आधार बना लिया है. उनकी कहानी बताती है कि सही प्रयास और लगन से कोई भी साधारण काम सफलता और सम्मान दिला सकता है.

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-almonds-of-the-poor-taste-of-authentic-rajasthani-peanuts-local18-9862355.html

















